सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा मंडी में प्राकृतिक आपदा के भूमिहीन लोगों को वन भूमि पर नए सिरे से हिमाचल सरकार घर बनाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार से वन नियमों में राहत की जाएगी।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा मंडी में प्राकृतिक आपदा के भूमिहीन लोगों को वन भूमि पर नए सिरे से हिमाचल सरकार घर बनाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार से वन नियमों में राहत की जाएगी। उन्होंने कहा बेघर हुए लोगों को नए आशियाने दिए जाएंगे। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर से आग्रह किया है। छोटे कारोबारी, दुकानदार आदि के तीन लाख तक के लोन के ब्याज का आधा हिस्सा सरकार देगी ताकि आर्थिक मदद मिल पाए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंडी जिले के तीन दिवसीय दौरे के दौरान सराज तथा नाचन विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। भारी बारिश और बादल फटने के कारण हुई क्षति का मौके पर जाकर जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सुंदरनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के लिए तेजी से कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री पहले ही इन आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन क्षेत्रों की लगभग सभी बड़ी सड़कों को खोल दिया है तथा आपदाग्रस्त क्षेत्र के सम्पर्क मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने कहा कि आपदा के पहले दिन से ही प्रभावित क्षेत्रों की सड़कों को खोलने के लिए 50 जेसीबी मशीनों को कार्य पर लगा दिया गया था। उन्होंने कहा कि चैलचौक, बगस्याड़, थुनाग, जंजैहली और छतरी तक सड़क को सीआरआईएफ में लाया जाएगा ताकि ये एक कंपोजिट रोड़ बन सके।
उन्होंने कहा कि थुनाग से जंजैहली तक सड़कें तथा पुलों को बहुत ही नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी इन्हें अस्थायी तौर पर बहाल किया गया है तथा इनकी बहाली के लिए पैसे की कमी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इन राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अब तक सात करोड़ रुपये जारी किए हैं ताकि बहाली कार्यों में और तेजी लाई जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों में अप्रत्याशित नुकसान हुआ है व सरकार तथा जिला प्रशासन दिन-रात प्रभावित परिवारों को राहत एवं अन्य सामग्री प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से पशुधन, फसलों तथा सब्जियों को भी बहुत नुकसान हुआ है।
राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को कपड़े खरीदने तथा पशुधन क्षति के लिए मुआवजा देगी। राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आपदाग्रस्त क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों की अपनी भूमि रहने योग्य नहीं है। वे इस बारे में केंद्र सरकार से लोगों को वन भूमि देने के लिए अनुमति मांगेंगे ताकि प्रभावितों को सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके। उन्होंने प्रदेश के भाजपा सांसदों से आग्रह किया कि वे राज्य सरकार के इस प्रस्ताव को केंद्र सरकार से अनुमति दिलवाने के लिए अपना सहयोग दें ताकि लोगों को सुरक्षित स्थान पर बसाया जा सके।
सुक्खू ने कहा कि अगले दो दिनों में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में रहेंगे तथा वहां राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवार यदि किराये के मकान में रहते हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों में 5,000 रुपये तथा शहरी क्षेत्रों में 10 हजार रुपये प्रति माह किराया राज्य सरकार देगी। उन्होंने कहा कि मंडी जिला के धर्मपुर क्षेत्र में भी भारी वर्षा से काफी नुकसान हुआ है तथा विधायक चंद्रशेखर लोगों को राहत एवं बचाव कार्यों में दिन-रात पूरी मदद कर रहे हैं।



