

कुल्लू अपडेट, प्राकृतिक आपदा से सिराज घाटी में हुए जानमाल के नुकसान का भयावाह मंजर जिसने भी देखा या जाना वह सहर उठा। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति राहत बचाव कार्य, संवेदनाओं और प्रार्थनाओं का सिलसिला कई स्रोतों से आरंभ हो गया। सरकार के साथ-साथ गैर सरकारी स्वैच्छिक संस्थाओं ने भी इस आपदा की घड़ी में मानवता का सहयोग करना अपना परम कर्तव्य समझा। इसी कड़ी में संत निरंकारी मिशन के सेवादार भी मानवता की सेवा के
लिए आगे आए। कुल्लू क्षेत्र के गोहर,खंडियाल, पंडोह,घर्ट गाड़,भुंतर,कुल्लू, वेंची,ब्रान तथा मनाली यूनिट के सेवादार जवान घाटी में जिला प्रशासन के दिशा निर्देशों में लगातार दिन -रात सेवाएं दे रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में राशन पहुंचाने, सफाई व्यवस्था, लंगर वितरण आदि कार्यों में प्रतिदिन सेवादार जवान सेवारत हैं। कुल्लू क्षेत्रीय संचालक संतराम ने बताया कि मंडी क्षेत्र के जोनल इंचार्ज आर. के. अभिलाषी के दिशा निर्देशों अनुसार संत निरंकारी मिशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्थानों, जल स्रोतों की सफाई, रक्तदान शिवरों का आयोजन तथा प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ित मानवता के लिए निस्वार्थ भाव से सेवाएं अर्पित की जाती हैं इसी क्रम में सिराज घाटी में सेवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि साध संगत सेवादल द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्र में जरूरतमंदों को राशन, कपड़े, कंबल और बर्तन वितरित करने की सेवा की जाएगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया है कि इस आपदा की घड़ी में अधिक से अधिक संख्या में मानवता की सेवा के लिए समर्पित भाव से आगे आएं। उन्होंने सेवा कार्य जारी रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 25- 25 सेवादार जवानों की टुकड़ी सेवारत रहती है तथा दो दिन के बाद 25 अन्य सेवादार आकर सेवा कार्य को जारी रखते है। अब तक प्राकृतिक आपदा के विभिन्न स्थानों पर सैकड़ों जवान सेवा कार्य कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि परिस्थितियों के समान्य हो जाने तक सेवा कार्य जारी रहेगा। उधर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी निरंकारी सेवादल की सराहना करते हुए बताया कि इस तरह की निस्वार्थ सेवा सभी को करनी चाहिए।






