Mandi Flood: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 30 जून की रात आई बाढ़ ने सराज क्षेत्र के तलबाड़ा गांव की 10 माह की मासूम निकिता को अनाथ कर दिया. पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने निकिता को गोद में उठाकर दुलार किया.

हाइलाइट्स
- पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने अनाथ निकिता को दुलारा.
- निकिता के माता-पिता और दादी बाढ़ में बह गए.
- निकिता की देखभाल उसकी बुआ कर रही है.
मंडी. हिमाचल प्रदेश में 30 जून की काली रात मंडी जिला के सराज वासियों को कभी न भरने वाले जख्म दे गई है. कोई इस त्रासदी में अपना घर बार, खेत खलियान गंवा चुका है तो कोई अपना पूरा परिवार ही खो चुका है. इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले कुछ ऐसे भी मासूम हैं, जिन्हें अभी यह एहसास तक नहीं है कि उनके सिर से उनके अपनों का साया उठ चुका है. इन मासूमों में से एक है सराज क्षेत्र के तलबाड़ा गावं की 10 माह की मासूम निकिता.
पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तलबाड़ा पहुंचे है और इस मासूम को गोदी में उठाकर खूब दुलार किया. इस मौके पर जयराम ठाकुर ने निकिता को अपनी ओर से एक उपहार भी भेंट किया.सोशल मीड़िया पर मार्मिक पोस्ट में लिखा:10 माह की नितिता को गोदी में उठाए और दुलार करते हुए पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पेज पर एक मार्मिक पोस्ट भी शेयर की है. जिसमें लिखा है – मासूम ने अभी माँ बोलना भी नहीं सीखा, लेकिन इसकी माँ अब इस दुनिया में नहीं रही. वो अब कभी अपने पिता की उंगली पकड़कर चलना नहीं सीखेगी, क्योंकि उसके पिता भी इस त्रासदी में हमेशा के लिए चले गए.
प्राकृतिक आपदा ने मेरे सराज को कई ऐसे जख्म दिए हैं, जो जिंदगीभर नासूर बनकर रहेंगे. ऐसा ही दर्द सराज के तलवाड़ा की 10 माह की बच्ची नितिका का है. इस बिटिया ने अपने संसार को खो दिया है. आपदा के कारण मासूम के माता-पिता की असामयिक मृत्यु होने के बाद इसकी बुआ देखभाल कर रहीं हैं. आज इस मासूम से मिलकर दिल टूट सा गया है. बेटी की मासूम मुस्कान जैसे अंदर से वेदना को बयां कर रही हो, शायद बेटी को माँ का इंतजार हो. मन के भीतर से अपने माता-पिता को ढूंढ रही हो लेकिन अब वो कभी नहीं आएंगे जिससे बिटिया अनजान है. गोद में खिलखिलाती इस बच्ची को देखकर बाहर से सब कुछ सामान्य लग सकता है, लेकिन भीतर एक ऐसा सूनापन है, जो शब्दों से परे है. ये हमारे सराज की बेटी है, हम सभी इस मासूम को किसी भी बात की कमी नहीं रखेंगे.
नाले का बहाव मोड़ते हुए अकाल मौत का ग्रास बन गया पूरा परिवार
गौरतलब है कि कि सराज क्षेत्र में आयी भयंकर बाढ़ में 10 माह की यह गुडिया नितिका अनाथ हो गई है. नितिका के पिता नरेश कुमार, दादी पुरणु देवी और माता राधा 30 जून की रात को घर के पीछे नाले में आयी बाढ़ में बहकर अकाल मौत का ग्रास बन गए हैं. जिनमें से अभी तक नरेश कुमार का ही शव बरामद हो पाया है. यह तीनों नाले का बहाव घर से दूसरी ओर मोड़ने का प्रयास कर रहे थे और अचानक फ्लड़ आने के कारण उसमें बह गए.
रसोई में सुलाकर गए थे परिजन
उस समय 10 माह की निकिता रसोईघर में सो रही थी, सुबह लोगों ने बिटिया को रसोईघर में पड़े देखा और वहाँ से सुरक्षित निकाला. निकिता का घर पूरी तरह से सुरिक्षत है और वह फिलहाल अपनी बुआ के पास रह रही है. यह परिवार पूर्व सीएम जयराम ठाकुर के पीएसओ रहे बलवंत ठाकुर के परिवार में से एक है. उनका कहना है कि कई लोग गुड़िया को गोद लेने का आग्रह कर रहे हैं. लेकिन निकिता की बुआ और उनके अन्य रिश्तेदारों स्वयं ही उसकी देखभाल करना चाहते हैं.



