ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अब सहकारी सभाएं योगदान देंगी। इसके लिए सरकार के सहयोग से सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन का जिम्मा सौंपा जाएगा।

अब सहकारी सभाएं चलाएंगी पेट्रोल पंप
देश-प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अब सहकारी सभाएं योगदान देंगी। इसके लिए सरकार के सहयोग से सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन का जिम्मा सौंपा जाएगा। सहकारिता विभाग में पंजीकृत सहकारी सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन की अनुमति भी प्रदान की जाएगी। इससे सहकारी सभाओं से जुड़े ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलेगा। इसके लिए सभाओं से आवेदन मांगे गए हैं।
सहकारी सभाएं बागवानी, कृषि, सहकारिता, बुनकर, हस्तशिल्प, दुग्ध, पशुपालन, लोक मित्र केंद्र, सीएससी सेंटर आदि कई प्रकार की गतिविधियां चला रहीं हैं। वहीं, अब इन सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन का लाइसेंस भी सहकारिता विभाग की अनुशंसा पर पेट्रोलियम मंत्रालय भारत सरकार जारी करेगा। सभाओं को एक पेट्रोल पंप संचालन के लिए जो औपचारिकताएं चाहिए, वे पूरी करनी होंगी। उसके बाद उन्हें लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा। सहकारिता विभाग के जिला अंकेक्षण अधिकारी राजेश जसवाल ने कहा कि सहकारी सभाओं को पेट्रोल पंप संचालन का लाइसेंस प्रदान करने की योजना है। इसके लिए सभाओं को पेट्रोलियम मंत्रालय में आवेदन करना होगा।
पेट्रोल पंप संचालन के लिए ये रहेंगे मुख्य दस्तावेज
सहकारी सभाओं के सदस्यों के पहचान प्रमाण, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट (यदि उपलब्ध हो), मतदाता पहचान पत्र होना आवश्यक है। इसके अलावा भूमि का स्वामित्व प्रमाण पत्र या पट्टा समझौता, भूमि का नक्शा, भूमि का पंजीकरण प्रमाण पत्र, आर्थिक रूप से मजबूत होने का प्रमाण (बैंक स्टेटमेंट), नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड से लाइसेंस, स्थानीय नगर निगम या पंचायत से अनुमति, अग्निशमन विभाग, पर्यावरण विभाग, तेल कंपनियों से अनापत्ति प्रमाण पत्र आदि।
द लाहौल पोटेटो सोसायटी लाहौल-स्पीति साल 1989 से पेट्रोल पंप का संचालन कर रही है। जनजातीय जिला की विपरीत भौगोलिक स्थिति के बीच सोसायटी ने एक मिसाल पेश की थी। यह सोसायटी अब जिला में दो पेट्रोल पंप एक सिस्सू और दूसरा तांदी छुरपक में संचालन कर रही है, जबकि तीसरे की औपचारिकताएं पूर्ण करने में लगी है।– सुदर्शन जस्पा, चेयरमैन



