इंजन फेल होने और फ्यूल स्विच कटऑफ होने के कारण हुई दुर्घटना पर केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि अंतिम रिपोर्ट आने तक निष्कर्ष पर न पहुंचें। उन्होंने पायलटों और क्रू की मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि वे नागरिक विमानन क्षेत्र की रीढ़ हैं। तकनीकी मामलों में पूरी जांच जरूरी है क्योंकि प्रारंभिक रिपोर्ट सिर्फ शुरुआती संकेत देती है।

HighLights
- फ्यूल कटऑफ के कारण दोनों इंजन बंद हुए और विमान गिर गया।
- मंत्री ने कहा – अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार इंजन फेल होने की वजह से और फ्यूल स्विच कटऑफ होने की वजह से दुर्घटना घटी है। अब इस मामले पर केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने बयान जारी कर लोगों से अंतिम रिपोर्ट न आने तक निष्कर्ष निकलाने से मना किया है।
रिपोर्ट के सामने आने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जारापु राम मोहन नायडू ने कहा कि अभी अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री की लोगों से अपील
उन्होंने कहा, “भारत में पायलट और क्रू की मेहनत को हम सराहते हैं। वे देश के नागरिक विमानन क्षेत्र की रीढ़ हैं। हमें उनकी भलाई की भी चिंता है। इसलिए जल्दबाजी में कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि तकनीकी मामलों में निष्कर्ष निकालने से पहले पूरी जांच जरूरी है। प्रारंभिक रिपोर्ट सिर्फ शुरुआती संकेत देती है, पूरी सच्चाई अंतिम रिपोर्ट में ही सामने आएगी।
हादसे में जमीन पर भी लोगों की हुई थी मौत
विमान अहमदाबाद के मेघाणी नगर इलाके में स्थित बीजे मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के हॉस्टल पर गिरा था और आग की चपेट में आ गया। हादसे में विमान में सवार 241 लोगों की मौत हुई, जबकि जमीन पर मौजूद 9 मेडिकल छात्रों की भी मौत हुई थी।
AAIB की रिपोर्ट में क्या आया सामने?
AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विमान में डाला गया फ्यूल जांच के बाद पूरी तरह मानक के अनुरूप पाया गया है। AAIB ने कहा कि फ्यूल बंद करने के कारण दोनों इंजन के रोटेशन स्पीड (N1 और N2) में गिरावट आने लगी। इसके बाद प्लेन की पावर खत्म हो गई और वह तेजी से नीचे गिरने लगा।
रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि कॉकपिट की रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है- “तुमने फ्यूल क्यों बंद किया?” इस पर को-पायलट ने जवाब दिया- “मैंने नहीं किया।” इससे साफ है कि उस समय कॉकपिट में भी भ्रम की स्थिति थी।



