
कुल्लू में सजावट से लेकर सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम
विश्व प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव-2025 के आयोजन को लेकर शुक्रवार को बहुदेशीय भवन में दशहरा महोत्सव समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कुल्लू के विधायक एवं दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के आयोजन संबंधी महत्वपूर्ण विषयों और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा कर निर्णय लिए गए तथा विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये गए। अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव का आयोजन इस वर्ष दो से आठ अक्तूबर तक किया जाएगा। बैठक में उपस्थित सभी विभागों को उनके कर्तव्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई और समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कुल्लू दशहरा एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्व है और इसे उसी गरिमा व परंपरा के साथ भव्य रूप में मनाने का संकल्प लिया गया। बैठक में वर्ष 2024 के दशहरा उत्सव की आय और व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष आय 10 करोड़ 33 लाख, 93315 और नौ करोड़ 44 लाख 60621 रुपए व्यय किया गया। बैठक में मेला मैदान व प्रदर्शनी स्थल में दुकानों और स्टॉलों का आवंटन दो अक्तूबर से 2 नवंबर 2025 तक करने पर निर्णय लिया गया। बैठक में सभी टेंडर प्रक्रिया समय पर पूर्ण करने और पहले टेंडर की प्रक्रिया 14 दिन और दूसरी प्रक्रिया 7 दिन में संपन्न करने पर निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य निर्णयों में झूला स्थल, शू मार्केट, गुड लिविंग मार्केट, क्रिकेट ग्राउंड पर भी चर्चा की गयी।
उत्सव के दौरान बिजली, पानी, शौचालय, गैस की व्यवस्था संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी। उत्सव के दौरान साफ.-सफाई व जल व्यवस्था, सजावट व विद्युत व्यवस्था, सांस्कृतिक दलों व पुलिस बल के ठहरने की व्यवस्था पर भी चर्चा की गयी। बैठक कलाकेंद्र की मरम्मत और रंगाई-पुताई और आकर्षक रूप देने पर चर्चा की गयी। बैठक में सांस्कृतिक दलों, ड्यूटी स्टाफ के लिए भोजन व्यवस्था। निमंत्रण पत्र, फ्लैक्स, बैनर की छपाई पर भी निर्णय लिया गया। उत्सव के दौरान जरूरी वस्तुओं व ईंधन की उपलब्धता, कलाकेंद्र की बेरिकेडिंग, यातायात व्यवस्था, फायर सेफ्टी और रेस्क्यू, रथ मैदान के पास वीवीआईपी मंच का निर्माण, सांस्कृतिक दलों के लिए जलपान व्यवस्था इत्यादि के लिए सम्बन्धित विभागों को अवश्यक दिशा.निर्देश जारी किये गए। उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन के लेकर और क्रियान्वयन पर चर्चा की गयी और पूर्वोत्तर राज्यों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए आमंत्रित करने पर सहमति जताई गयी। उत्सव के दौरान ज़िला परिषद और जिला युवा सेवायें एवं खेल विभाग माध्यम से खेलकूद आयोजन, कानून व्यवस्था बनाए रखने और सफाई पर भी चर्चा कि गयी। कुल्लू के विधायक एवं दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं। बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से हमारी कोशिश है कि आने वाले वर्षों में यह उत्सव और भी व्यवस्थितए आकर्षक बने। मुख्यमंत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को नया स्वरुप देने की कोशिश की गयी है, मुख्यमंत्री और सरकार का पूर्ण सहयोग उत्सव को बेहतर से बेहतरीन करने में सक्षम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हर्ष की बात है कि आईसीसीआर ने अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरा को अपने वार्षिक कैलेंडर में शामिल किया है। जिससे उत्सव में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के सांस्कृतिक दल यहां आएंगे। देवताओं के आगमन और उत्सव में उनकी व्यवस्था एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक प्रक्रिया होती है।



