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नशे पर चोट : हिमाचल में एनडीपीएस के 5,000 मामले दर्ज, 36.95 करोड़ की अवैध संपत्ति जब्त

 प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत पिछले ढाई वर्षों में एनडीपीएस के 5,004 मामले दर्ज किए गए हैं। 

हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत पिछले ढाई वर्षों में एनडीपीएस के 5,004 मामले दर्ज किए गए हैं। 2023 में 2,147 मामले, 2024 में 1,717 और जून 2025 तक 1,140 केस दर्ज हो चुके हैं। नशा तस्करी से बनाई गईं नशा कारोबारियों की संपत्ति को कुर्क किया जा रहा है। इस अवधि में 36.95 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। साल 2023 में 4.87 करोड़ रुपये, वर्ष 2024 में 25.42 करोड़ रुपये और जून 2025 तक 6.66 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त हुई हैं। प्रदेश में फार्मास्युटिकल हब के नजदीकी क्षेत्र सिंथेटिक ड्रग्स के गढ़ बन रहे हैं। इन क्षेत्रों में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि मादक पदार्थों के खिलाफ प्रदेश में व्यापक मुहिम छेड़ी गई हैै। ड्रग नेटवर्क को खत्म करने के लिए बहुआयामी रणनीति के तहत काम हो रहा है। दो महत्वपूर्ण कानून हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध निवारण एवं नियंत्रण विधेयक 2025 और हिमाचल प्रदेश ड्रग्स और नियंत्रित पदार्थ रोकथाम, नशामुक्ति और पुनर्वास विधेयक 2025 के तहत नशे में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

हिमाचल प्रदेश संगठित अपराध निवारण एवं नियंत्रण विधेयक में मृत्युदंड, आजीवन कारावास, भारी जुर्माना और संपत्ति जब्त करने के कड़े प्रावधान हैं। दूसरे विधेयक में अवैध नशीली दवाओं के व्यापार के लिए सख्त सजा सुनिश्चित की गई है। सिक्किम मॉडल से प्रेरित होकर नशामुक्ति, पुनर्वास और आजीविका सहायता के लिए एक राज्य कोष बनाया है। नशा तस्करों पर अंकुश लगाते हुए वर्ष 2024 में पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत 123 प्रस्तावों में से 41 में डिटेंशन आदेश जारी किए गए हैं। नशा तस्करों की 1,214 संपत्तियों की पहचान कर 70 मामलों में कार्रवाई की गई है। नशे के कारोबार में संलिप्त 80 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

प्रदेश सरकार ने धर्मशाला, मंडी और परवाणू के तीन क्षेत्रों को शामिल करते हुए एसटीएफ का गठन किया है। एसटीएफ के तहत तेरह पुलिस स्टेशन लाए गए हैं। नशे के आदी लोगों को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए नशे के आदी लोगों को बेहतर चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध करवाने के लिए कुल्लू, ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में पुरुषों के लिए नशामुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। सिरमौर के कोटला बड़ोग में 100 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक नशामुक्ति केंद्र बनाया जा रहा है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) के सहयोग से राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने 14 टारगेटिड इंटरवेंशन प्रोजेक्ट्स में सुरक्षित सुइयों, परामर्श और एचआईवी/एसटीआई के लिए रैफरल सुविधा उपलब्ध करवाई गई है।

18 महीनों में 32.9 किलो हेरोइन जब्त
हिमाचल में पिछले 18 महीनों में 32.9 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। इसके अतिरिक्त 919 किलोग्राम चरस, 1,632 किलोग्राम पोस्त, 89.6 किलोग्राम अफीम और 1.64 लाख से अधिक गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए हैं। अवैध तरीके से उगाए गए करीब 70 लाख भांग के पौधे नष्ट किए गए हैं। नशे के तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए वार्ड वाइज मैपिंग की गई है और इसके तहत क्षेत्रों को लाल, पीले और हरे क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जा रहा है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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