ऊना में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में उद्योग विभाग ने 900 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए हैं। इसमें 321 करोड़ रुपये की लागत से पार्क में बॉयलर स्थापित किया जाना है।

हिमाचल प्रदेश के ऊना में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में उद्योग विभाग ने 900 करोड़ रुपये के टेंडर जारी कर दिए हैं। इसमें 321 करोड़ रुपये की लागत से पार्क में बॉयलर स्थापित किया जाना है। 250 करोड़ रुपये का साइट डेवलपमेंट प्लान, रोड और पुल निर्माण का टेंडर है। 300 करोड़ रुपये की लागत से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित होगा। इस टेंडर में 9 कंपनियों ने भाग लिया। 7 कंपनियों ने मापदंड पूरे किए हैं। बल्क ड्रग पार्क में फार्मा उद्योग स्थापित करने के लिए उद्योग विभाग के अधिकारियों की टीम हैदराबाद गई है।
निवेशकों के साथ हुई बैठक में 130 नई फार्मा कंपनियां उद्योग स्थापित करने को तैयार हैं। मुंबई और हैदराबाद में उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक में बल्क ड्रग मैन्युफैक्चरिंग, इंडियन ड्रग, पंजाब, हरियाणा, जम्मू के नामी उद्योगपतियों ने बल्क ड्रग पार्क में उद्योग लगाने की हामी भरी है। इन कंपनियों ने पांच हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश करने की बात कही है। उद्योग विभाग की मानें दिसंबर 2026 में बल्क ड्रग पार्क में पहले चरण का काम शुरू हो जाएगा।
पार्क के भीतर 10 हजार करोड़, जबकि बाहर 5000 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसमें 40 हजार लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 21 मार्च, 2020 को बल्क ड्रग पार्क योजना को मंजूरी दी थी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 1923 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की अनुदान राशि 1118 करोड़ रुपये है। वहीं, 804.54 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार की ओर से खर्च की जाएगी। 1402.44 एकड़ भूमि में इसे बनाया जा रहा है।
उद्योगपतियों को एक छत के नीचे सभी सुविधाएं
बैठक में उद्योगतियों ने उद्योग लगाने के लिए अपनी समस्याएं भी उठाई हैं। इसमें उद्योग विभाग के अधिकारियों ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि उन्हें उद्योग लगाने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। सरकार की ओर से सभी सुविधाएं एक छत के नीचे दी जाएगी। उद्योग लगाने के लिए एनओसी, पर्यावरण मंजूरी, बिजली, पानी और अन्य औपचारिकताएं निर्धारित समय में पूरी की जाएगी।



