IND vs ENG: मोहम्मद सिराज जितनी खूबसूरती से बल्लेबाजी कर रहे थे, उनकी पारी का अंत उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण रहा. लॉर्ड्स टेस्ट में जीत की कगार पर पहुंचने के बाद टीम इंडिया को 22 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी.

लॉर्ड्स टेस्ट का अंत दुखदायी रहा. भारत एक ऐसा टेस्ट मैच गंवा बैठा, जो लगभग उसने जीत ही लिया था. रविंद्र जडेजा (61*) ने टीम को हार के मुंह से निकाला तो बुमराह और सिराज ने कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया.

धीरे-धीरे जब मंजिल दिखने लगी थी. जडेजा और सिराज पूरी तरह सेट हो चुके थे. जीत सिर्फ 22 रन दूर थी और इंग्लिश टीम पूरी तरह हिम्मत हार चुकी थी तब बदकिस्मती ने टीम इंडिया का दरवाजा खटखटाया.

पांच दिन की मेहनत सिर्फ तीन सेकंड में ही मिट्टी में मिल गई. शोएब बशीर की गेंद को सिराज पूरी तरह डिफेंस कर चुके थे, लेकिन एक धीमी गति की गेंद उनके बल्ले से लगकर धीरे से स्टंप्स से टकरा गई.

स्पिनर शोएब बशीर ने मोहम्मद सिराज को बोल्ड करके इंग्लैंड को नाटकीय जीत दिला दी. बशीर ने करोड़ों भारतीय प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया. आउट होने के बाद सिराज विकेट पर बैठकर ही रोने लगे.

मोहम्मद सिराज भरोसा नहीं कर पा रहे थे कि ये गेंद स्टंप में कैसे घुस गई, वो बोल्ड कैसे हो गए. उनकी आंखों में आंसू थे. सिराज को भावुक देख इंग्लैंड के खिलाड़ी जश्न छोड़कर उनके पास आए और सांत्वना देने लगे.

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने सिराज की पीठ थपथपाई और गले लगा लिया. यही तो क्रिकेट की खासियत है, इसलिए तो इस खेल को जेंटलमेंस गेम कहा जाता है. फिर दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को बधाई दी.

रवींद्र जडेजा ने 181 गेंदों में 61 रन की नाबाद और जुझारू पारी खेली. जसप्रीत बुमराह ने 54 गेंद खेले और पांच रन बनाए. मोहम्मद सिराज भी 30 गेंद खेल चुके थे. मगर होनी को कुछ और ही मंजूर था.

इस तरह इंग्लैंड के 193 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 74.5 ओवर में 170 रन पर ऑल आउट हो गई और पांच मैच की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में इंग्लैंड के पास 2-1 की लीड हो गई. (सोर्स: SRH)



