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कांगड़ा में पैराग्लाइडिंग पर इस महीने तक का लगा प्रतिबंध, जानिए क्या रही वजह?

कांगड़ा जिले में रोमांचक खेल पैराग्लाइडिंग पर 15 जुलाई यानि आज से 15 सितंबर तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह फैसला जिले की सभी चार अधिकृत पैराग्लाइडिंग साइटों पर लागू होगा, जिसमें सबसे प्रमुख बीड़-बिलिंग घाटी भी शामिल है। जिला पर्यटन अधिकारी विनय…

 कांगड़ा जिले में रोमांचक खेल पैराग्लाइडिंग पर 15 जुलाई यानि आज से 15 सितंबर तक पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह फैसला जिले की सभी चार अधिकृत पैराग्लाइडिंग साइटों पर लागू होगा, जिसमें सबसे प्रमुख बीड़-बिलिंग घाटी भी शामिल है। जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान ने बताया कि यह हर साल की तरह मॉनसून सीजन को देखते हुए सुरक्षा कारणों से लिया गया एक एहतियाती कदम है।

पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मॉनसून के दौरान क्षेत्र में तेज और अप्रत्याशित बारिश होती है। इससे पैराग्लाइडिंग के लिए बेहद महत्वपूर्ण टेक-ऑफ साइट बिलिंग और लैंडिंग साइट क्योर दोनों ही काफी फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में पैराग्लाइडिंग करना पायलटों और सैलानियों, दोनों के लिए बेहद जोखिम भरा हो सकता है। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए प्रशासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह प्रतिबंध केवल व्यावसायिक टेंडम उड़ानों पर ही नहीं, बल्कि सभी प्रकार की पैराग्लाइडिंग उड़ानों पर लागू होगा। इस रोक से बीड़-बिलिंग क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में स्वाभाविक रूप से कमी आएगी, जिससे घाटी में कुछ हद तक सन्नाटा देखने को मिल सकता है।

इस प्रतिबंध का आर्थिक प्रभाव स्थानीय समुदाय पर पड़ेगा। पैराग्लाइडिंग पायलट, स्थानीय गाइड, होमस्टे और होटल संचालक, रेस्तरां और टैक्सी ऑपरेटरों को इस अवधि में आय का नुकसान उठाना पड़ेगा। यह समय उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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