
SSC PwBD Rule 2025: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने एक नया नियम लागू किया है। अब अगर पीडब्ल्यूबीडी/पीडब्ल्यूडी उम्मीदवार परीक्षा में स्क्राइब सेवा या अतिरिक्त (प्रतिपूरक) समय लेना चाहते हैं, तो उन्हें अपना मूल विकलांगता प्रमाणपत्र परीक्षा केंद्र पर लाना अनिवार्य होगा।
यह नियम चयन पद चरण XIII और आगामी CHSL 2025 परीक्षा से लागू होगा। यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि कई बार बिना वैध दस्तावेज के उम्मीदवारों ने सुविधाओं का गलत फायदा उठाने की कोशिश की थी।
आवेदन के समय दस्तावेज अपलोड की शर्त
अब चयन पद परीक्षा चरण XIII, 2025 से एक नया नियम लागू हुआ है, जिसके तहत यदि कोई उम्मीदवार दिव्यांगता का दावा करता है, तो उसे आवेदन पत्र जमा करते समय ही संबंधित प्रमाणपत्र या दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य है। लेकिन कई उम्मीदवारों ने दस्तावेज अपलोड नहीं किए, जिसके चलते आयोग ने तय किया है कि ऐसे उम्मीदवारों को प्रतिपूरक समय या स्क्राइब सुविधा नहीं दी जाएगी, जब तक वे परीक्षा केंद्र पर वैध दस्तावेज प्रस्तुत न करें।
परीक्षा केंद्र पर मूल प्रमाणपत्र लाना अनिवार्य
वे सभी दिव्यांग उम्मीदवार जिन्होंने ऑनलाइन आवेदन के दौरान अतिरिक्त समय या स्क्राइब की मांग की है और दस्तावेज अपलोड भी कर दिए हैं, उन्हें अब परीक्षा के दिन अपना मूल प्रमाणपत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। अगर कोई उम्मीदवार मूल प्रमाणपत्र नहीं लाता, तो उसे न तो अतिरिक्त समय मिलेगा और न ही स्क्राइब की सुविधा। आयोग का यह फैसला परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने के उद्देश्य से लिया गया है।
पहले परीक्षाओं में नहीं थी सख्ती?
एसएससी द्वारा पहले आयोजित की गई परीक्षाओं में अगर कोई उम्मीदवार दृष्टिबाधित (VH), दोनों हाथों से कमजोर (BA) या मस्तिष्क पक्षाघात (CP) से पीड़ित होता था, तो उसे अतिरिक्त समय और स्क्राइब (लेखक) की सुविधा मिल जाती थी। इसके लिए परीक्षा केंद्र पर कोई दस्तावेज दिखाना जरूरी नहीं होता था। लेकिन जिन उम्मीदवारों ने सिर्फ यह कहा कि वे लिखने में असमर्थ हैं, उन्हें अपनी बात साबित करने के लिए अनुलग्नक-I या अनुलग्नक-IA जैसे सहायक दस्तावेज परीक्षा में साथ लाने पड़ते थे।



