
जीवानंद ने बच्चों को नाटक के ज़रिए पढ़ाई का अनोखा तरीका सिखाया
कुल्लू घाटी के रंगकर्मी जीवानंद अपनी संस्था ‘रेनबो थिएटर एंड आर्ट क्लब बदाह’ के तहत दूर-दराज़ के गांवों में बच्चों के लिए नाट्य कार्यशालाएं करवा रहे हैं। इनका मकसद बच्चों का हर तरह से विकास करना है।
हाल ही में उन्होंने एक कार्यशाला राजकीय प्राथमिक पाठशाला जौली में करवाई। इसके बाद दूसरी कार्यशाला का समापन भुलंग गांव के स्कूल में हुआ। भुलंग स्कूल में 25 दिनों तक चली इस कार्यशाला में 10 बच्चों ने हिस्सा लिया। जीवानंद ने उन्हें खेल-खेल में पढ़ने और याद करने के आसान तरीके सिखाए। बच्चों ने भी इसे खूब पसंद किया।
इस कार्यशाला के दौरान बच्चों के साथ तैयार किए गए लघु नाटक ‘अंग्रेजों भारत छोड़ों’ का मंचन विद्यालय के अध्यापकों तथा बच्चों के समक्ष किया गया। नाटक में दिखाया गया कि अंग्रेज तो भारत छोड़ कर चले गए परंतु बहुत सी बुरी आदतें हमें छोड़़ गए। जिनसे हम आज भी अपना पीछा नहीं छुड़़ा पा रहे हैं। स्कूल की मुख्य अध्यापिका तथा अन्य अध्यापकों ने रेनबो संस्था के इस प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। नाटक में अभिनव चौहान, तानिया, खुशमिता, करण, रितिक ईशा, रिया, कार्तिक, प्रियांशी, और दिव्या आदि बच्चों ने भाग लिया।



