
प्रदेश सरकार ने शून्य विद्यार्थी संख्या वाले 100 प्राइमरी स्कूलों को बंद कर दिया है। साथ ही पांच विद्यार्थी संख्या वाले 120 प्राइमरी स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन स्कूलों पर कार्रवाई की है, जहां छात्र नहीं आ रहे थे। सरकार ने 0 विद्यार्थियों वाले 100 प्राइमरी और मिडल स्कूलों को बंद कर दिया है। इसमें 72 प्राइमरी स्कूल और 28 मिडल स्कूल शामिल हैं। इसके अलावा, 5 या उससे कम विद्यार्थियों वाले 120 प्राइमरी स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में मिला (Merge) दिया गया है। इस बारे में स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है।
सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए उठाया गया है और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए छोटे स्कूलों को मिलाकर मजबूत स्कूल बनाए जा रहे हैं। बैग फ्री डे पर अब बच्चों को सिखाई जाएगी पहाड़ी बोली ,इसके साथ ही हिमाचल सरकार ने एक और नया फैसला लिया है। अब हर महीने एक बार “बैग फ्री डे” होगा, जिसमें बच्चे स्कूल में स्थानीय पहाड़ी भाषा सीखेंगे।
इस दिन बच्चे अपनी स्थानीय बोली में अध्यापकों से बात करेंगे। यह फैसला नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के उप शिक्षा निदेशकों को इसके निर्देश दे दिए हैं।



