
जवाली,हिमाचल प्रदेश के पौंग बांध का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और गुरुवार को यह 1355.08 फीट तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान 1360 फीट से अब महज 5 फीट नीचे है। यदि जलस्तर इस सीमा को पार करता है, तो बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) को झील के मुख्य गेट खोलने पड़ सकते हैं। गुरुवार को सिर्फ एक दिन में जलस्तर 5 फीट बढ़ा है। फिलहाल झील में 125,692 क्यूसिक पानी आ रहा है, जबकि सिर्फ 10,010 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश और अन्य जल स्रोतों से आ रहे पानी ने इस स्थिति को और गंभीर बना दिया है। देहर खड्ड और ब्यास नदी भी उफान पर हैं।
जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क, निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी
झील का जलस्तर बुधवार को 1350.21 फीट था और अब यह तेजी से बढ़ रहा है। पौंग झील की अधिकतम क्षमता 1410 फीट है, लेकिन 1390 फीट के बाद पानी को धीरे-धीरे छोड़ा जाना शुरू कर दिया जाता है। ऐसे में 1360 फीट के निशान तक पहुंचते ही आपात स्थिति बन सकती है। एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती ने बताया कि निचले इलाकों—मंड, म्यानी, इंदौरा और पंजाब के होशियारपुर जिले में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रे, स्थाना और टैरेस क्षेत्रों में बीबीएमबी द्वारा हूटर सिस्टम सक्रिय किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल टरबाइनों के माध्यम से पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर झील के मुख्य फ्लड गेट भी खोले जा सकते हैं।
नदियों और खड्डों से दूर रहने की हिदायत
प्रशासन ने लोगों को ब्यास नदी, खड्डों और नालों के आसपास न जाने की सख्त चेतावनी दी है। जलस्तर में और वृद्धि की आशंका के चलते स्थानीय प्रशासन हाई अलर्ट पर है।



