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सैंज घाटी में भूस्खलन से बंद सड़कों पर फंसी फल-सब्जी से लदी गाड़ियां, किसानों को भारी नुकसान

बीते  दिनों हुई भारी बारिश से कुल्लू जिले के बंजार उपमंडल की सैंज घाटी में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। क्षेत्र में जगह-जगह भूस्खलन के कारण कई ग्रामीण सड़कों पर मलबा आ गया है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। न्यूली-शैंशर मार्ग समेत कई संपर्क मार्ग बंद होने से फलों और सब्जियों से लदी दर्जनों गाड़ियां सड़कों पर फंसी हुई हैं।

किसानों और बागबानों ने बुधवार को खेतों से फल-सब्जियां तोड़कर गुरुवार को मंडियों तक पहुंचाने की तैयारी की थी, लेकिन बुधवार रात को हुई भारी बारिश ने सारा गणित बिगाड़ दिया। भूस्खलन के कारण सड़कों पर मलबा आ गया और कई मार्ग बंद हो गए। न्यूली-शैंशर मार्ग, रोपा-शांघड़, काहण संपर्क मार्ग पर 25 से अधिक गाड़ियां अभी भी फंसी हुई हैं।

स्थानीय निवासी हरि राम, महेंद्र सिंह और राज कुमार ने बताया कि फंसे हुए फलों और सब्जियों को अब उचित मूल्य नहीं मिलेगा, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। सेब, नाशपाती और टमाटर से लदी गाड़ियां लंबे समय से रास्ते में खड़ी हैं, जिससे माल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।

गाड़ा पारली पंचायत के चार गांवों को जोड़ने वाला छोटा पुल भी बारिश के चलते पानी की चपेट में आ चुका है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं। इससे आम जनजीवन पर भारी असर पड़ा है।

प्रभावित किसान और बागबान प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सड़कों को बहाल किया जाए और मशीनरी की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

इस संबंध में एसडीएम बंजार पंकज शर्मा ने बताया कि सभी प्रभावित सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी भेज दी गई है और जल्द ही रास्ते बहाल कर दिए जाएंगे। जिन इलाकों में पुल बह गए हैं, वहां दोबारा पुल निर्माण के निर्देश भी दिए जा चुके हैं। स्थिति सामान्य होने तक किसान और बागबान अब भी अनिश्चितता और नुकसान की चिंता में हैं।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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