

मंडी/ऊना/चंबा। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। बीती रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण राज्य में भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। राज्य में 387 सड़कें, 747 ट्रांसफार्मर और 249 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं।
मलाणा नाला में बाढ़, दो पैदल पुल बहे
कुल्लू जिले के मलाणा नाला में अचानक बाढ़ आने से दो पैदल पुल बह गए। इससे मलाणा और पोहल गांव का संपर्क कट गया है। एक निजी हाइड्रो पावर कंपनी का अस्थायी बांध बाढ़ में बह गया, जिससे एक हाइड्रा, डंपर, रॉक ब्रेकर, कैंपर और एक कार भी बाढ़ की चपेट में आ गई। प्रशासन ने बताया कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे फिर बंद, शव वाहन फंसा
चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे एक बार फिर पंडोह डैम के पास भूस्खलन के चलते बंद हो गया। सुबह 4 बजे भारी चट्टानों और मलबे के गिरने से मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। एनएचएआई की मशीनरी मौके पर सुबह 9 बजे पहुंची, जिसके बाद करीब पांच घंटे बाद हाईवे बहाल किया गया। इस दौरान कुल्लू से नूरपुर जा रहा एक शव वाहन भी फंस गया।
ऊना में जलभराव, स्कूल बंद
ऊना जिले में 222.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से कई गुना अधिक है। कई इलाकों में जलभराव हो गया है। बरनोह गांव में ईंट भट्ठे के पास एक पिता-पुत्र फंस गए, जिन्हें बचाया गया। जिला प्रशासन ने 2 अगस्त को जिले के सभी स्कूल और शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
चंबा में भी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
चंबा जिले में बारिश के कारण सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र शनिवार को बंद रहे। भरमौर-पठानकोट एनएच समेत 75 सड़कें, 188 ट्रांसफार्मर और 80 जल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। भटियात क्षेत्र का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कटा हुआ है।
ऊना की फैक्ट्रियों और कॉलोनियों में पानी घुसा
ऊना के चताड़ा गांव स्थित महादेव पेपर ट्यूब फैक्टरी में पानी घुस गया है, जिससे मशीनरी और सामग्री को नुकसान हुआ है। उद्योग विभाग कॉलोनी, डीआईसी कार्यालय और कई घरों में भी पानी भर गया है।
पौंग डैम का जलस्तर खतरे के करीब
पौंग डैम का जलस्तर 1362 फीट तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान 1365 फीट से मात्र तीन फीट कम है। बीबीएमबी ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डैम से किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है।
दड़का-भूमतीर सड़क बनी नाला
कुल्लू जिले की लगघाटी में दड़का-भूमतीर सड़क पर मलबा और पानी बह रहा है, जिससे यह रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
मौसम विभाग का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 8 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। 2, 4 और 5 अगस्त को मंडी, ऊना, सोलन, कांगड़ा, कुल्लू आदि जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
अब तक मानसून में 176 मौतें, 1,67,839 लाख रुपये का नुकसान
20 जून से अब तक हिमाचल में 176 लोगों की मौत, 281 घायल और 36 लोग लापता हैं। भूस्खलन, बाढ़ और सड़क हादसों से 1,821 मकान और दुकानें, 1,374 गोशालाएं और 1,533 मवेशी प्रभावित हुए हैं। कुल नुकसान का आंकड़ा 1,67,839.06 लाख रुपये पहुंच चुका है।
यह समाचार राज्य में चल रही आपदा की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। आपात स्थिति में टोल-फ्री नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।



