
बंजार हिमाचल प्रदेश वर्ष 2025 की भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश के बंजार विधानसभा क्षेत्र, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रहे भूस्खलन, सड़क बंदी, और प्रशासनिक अनदेखी के चलते लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावे ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। रविवार को विधायक सुरेंद्र शौरी ने तीर्थन घाटी के एक दिवसीय दौरे के दौरान भूस्खलन प्रभावित गांवों — घलियाड़ मशियार, पेखड़ी कुबनी, टलिंगा, तींदर, और रंगछा का दौरा किया। उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित ग्रामीणों से मुलाकात की।
पहाड़ दरकने से 10 घरों पर संकट
विधायक ने बताया कि घलियाड़ गांव में पहाड़ी दरकने की वजह से 10 परिवारों को घर छोड़कर अस्थायी शिविरों में रहना पड़ रहा है। इसी प्रकार कुबनी गांव में सात परिवारों को विस्थापित होना पड़ा है।
टलिंगा गांव की स्थिति और भी चिंताजनक है, जहाँ लगातार चट्टानों के गिरने से जान-माल का स्थायी खतरा बना हुआ है। बताया जा रहा है कि बरसात के शुरुआती दिनों में ही यहाँ काफी नुकसान हो चुका है।
बस सेवाएं ठप, टैक्सी का महंगा विकल्प
विधायक शौरी ने कहा कि घाटी में पिछले दो सप्ताह से बस सेवाएं पूरी तरह बंद हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्हें अब केवल टैक्सियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे यात्रा खर्च कई गुना बढ़ गया है।
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
भूस्खलन से प्रभावित ग्रामीणों ने विधायक को बताया कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस राहत या सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए हैं। कई जगहों पर पीड़ित परिवार खुले में या असुरक्षित ढांचों में रह रहे हैं।
विधायक सुरेंद्र शौरी ने सरकार को चेताते हुए कहा,
यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। सरकार को जनता की पीड़ा समझनी चाहिए, न कि केवल कागज़ों में राहत योजना चलानी चाहिए।”



