
जवाली (हिमाचल प्रदेश), 5 अगस्त 2025 – हिमाचल प्रदेश के फतेहपुर उपमंडल में भारी बारिश की संभावना और पौंग बांध का जलस्तर खतरनाक स्तर पार कर जाने के बाद अब स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रशासन ने इसको देखते हुए सतर्कता एडवाइजरी जारी की है और लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है। पौंग बांध का जलस्तर इस समय 1368.25 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि सामान्य स्थिति में 1365 फीट पर ही पानी छोड़ा जाना शुरू कर दिया जाता है। हालांकि, अभी तक पानी नहीं छोड़ा गया है, लेकिन स्थिति कभी भी बदल सकती है।
प्रशासन ने क्या कहा?
एसडीएम फतेहपुर विश्रुत भारती द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है:
पौंग डैम से कभी भी पानी छोड़ा जा सकता है। बांध के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग पहले से सतर्क हो जाएं और सुरक्षित स्थानों की पहचान कर लें। अपने पशुओं और ज़रूरी सामान को तुरंत सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दें। भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों से दूर रहें, नदी-नालों के किनारे बिल्कुल न जाएं। अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के संपर्क में रहें।
बांध की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में झील में 74370 क्यूसिक पानी आ रहा है। केवल 18386 क्यूसिक पानी टरबाइनों से छोड़ा जा रहा है। पौंग झील की अधिकतम भंडारण क्षमता 1410 फीट है।
पहले पानी 1390 फीट के स्तर पर छोड़ा जाता था, लेकिन अब सुरक्षा कारणों से इसे 1365 फीट पर ही छोड़ना शुरू कर दिया जाता है।
जलस्तर 1368 फीट को पार कर चुका है, जो एक खतरनाक संकेत है।
क्यों बढ़ रहा है खतरा?
मॉनसून की तेज बारिश और लगातार बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बन गया है।
यदि बारिश इसी तरह जारी रही, तो जल का दबाव बांध पर बढ़ सकता है, जिससे बड़ी मात्रा में पानी अचानक छोड़ा जाना पड़ेगा।
इससे निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पौंग बांध के आसपास और नीचे बसे गांवों के लोगों से प्रशासन ने अपील की है कि वे सावधानी बरतें,स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहें, और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए मानसिक और भौतिक रूप से तैयार रहें।
यह एक सावधानी भरी चेतावनी है, न कि घबराने का कारण – लेकिन उपेक्षा करना खतरनाक हो सकता है।
जरूरी नंबर:
आपात स्थिति में संपर्क करें –
पंचायत सचिव / पटवारी
एसडीएम कार्यालय फतेहपुर
आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम



