
आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 37 आवश्यक दवाओं के खुदरा दाम तय कर दिए हैं, जिससे संक्रमण, मधुमेह, हृदय रोग, सूजन और विटामिन की कमी जैसी आम बीमारियों की दवाएं अब काफी सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी। यह फैसला ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर (DPCO) के तहत लिया गया है और इसके तहत देश की प्रमुख फार्मा कंपनियों द्वारा निर्मित 41 दवा संरचनाओं पर मूल्य निर्धारण लागू किया गया है।
किन दवाओं के दाम घटे?
NPPA ने जो नई कीमतें तय की हैं, उनमें शामिल हैं:
पैरासिटामोल,
एमोक्सिसिलिन,
मेटफॉर्मिन,
एटोरवास्टेटिन,
क्लोपिडोग्रेल,
बिलास्टिन + मोंटेलुकास्ट,
सेफिक्सिम पैरासिटामोल ओरल सस्पेंशन,
कोलेकैल्सीफेरोल ड्रॉप्स,
डायक्लोफेनैक इंजेक्शन,
एम्पाग्लिफ्लोजिन + सिटाग्लिप्टिन + मेटफॉर्मिन फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन।
प्रमुख दवाओं की नई कीमतें (प्रति यूनिट):
एसीक्लोफेनैक + पैरासिटामोल टैबलेट: ₹13 (डॉ. रेड्डीज), ₹15.01 (कैडिला)
एटोरवास्टेटिन 40mg + क्लोपिडोग्रेल 75mg टैबलेट: ₹25.61
डायक्लोफेनैक इंजेक्शन (1ml): ₹31.77
एम्पाग्लिफ्लोजिन + सिटाग्लिप्टिन + मेटफॉर्मिन टैबलेट: ₹16.50
बिलास्टिन + मोंटेलुकास्ट टैबलेट: नई कीमत सूची में शामिल
कोलेकैल्सीफेरोल (विटामिन D ड्रॉप्स): नियत दरों पर उपलब्ध
चार और जरूरी दवाओं की भी कीमत तय:
प्राधिकरण ने इसके अलावा इन आवश्यक दवाओं की भी अधिकतम खुदरा कीमत तय कर दी है:
इप्राट्रोपियम
सोडियम नाइट्रोप्रुसाइड
पovidone आयोडीन
डिल्टियाज़ेम
कब से लागू हुईं नई कीमतें?
यह सभी दवाएं तत्काल प्रभाव से पूरे देश में नई दरों पर उपलब्ध होंगी। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि कोई भी निर्माता या वितरक इन तयशुदा कीमतों से अधिक दाम वसूलता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित खुदरा मूल्यों में GST शामिल नहीं है, यानी उपभोक्ताओं को टैक्स अलग से देना होगा।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
भारत में बड़ी आबादी आम बीमारियों के इलाज के लिए इन दवाओं पर निर्भर है। लेकिन ब्रांडेड दवाओं और अनियंत्रित खुदरा मूल्य के चलते मरीजों को इलाज का भारी खर्च उठाना पड़ता था। सरकारी हस्तक्षेप के बाद अब यह बोझ हल्का होगा। खासकर मध्यमवर्गीय और गरीब तबके को इससे सीधी राहत मिलेगी।
यह फैसला ना सिर्फ स्वास्थ्य सेवा को और अधिक सुलभ और किफायती बनाएगा, बल्कि मरीजों को जरूरी दवाएं सही कीमत पर उपलब्ध कराने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।
NPPA के इस कदम की व्यापक सराहना हो रही है, और उम्मीद है कि आने वाले समय में और अधिक दवाओं को मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाया जाएगा।



