
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को गहरा झटका दिया है। राज्य की प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं सिल्ट भरने के कारण बंद हो गई हैं, जिससे प्रदेश में बिजली संकट उत्पन्न हो गया है। नाथपा झाकड़ी जैसी बड़ी परियोजना के ठप होने से ग्रिड पर दबाव बढ़ा और मंगलवार रात को कई क्षेत्रों में आपातकालीन बिजली कटौती (लोड शेडिंग) करनी पड़ी ,विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण सतलुज समेत राज्य की दर्जनों नदियों और खड्डों में सिल्ट की मात्रा खतरनाक स्तर तक पहुंच गई है। सिल्ट के चलते टर्बाइनों में जाम की स्थिति बन गई है, जिससे करीब 1500 मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। राज्य विद्युत बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि जब तक जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन सामान्य नहीं होता या फिर वैकल्पिक स्रोतों से बिजली उपलब्ध नहीं कराई जाती, तब तक बिजली संकट बना रह सकता है।
धर्मशाला में अंधेरा, सार्वजनिक सुविधाएं प्रभावित
धर्मशाला में मंगलवार रात करीब आठ बजे से शुरू हुआ ब्लैकआउट कई घंटों तक जारी रहा। बिजली गुल होने का कारण दो प्रमुख 33 केवी आपूर्ति लाइनों का क्षतिग्रस्त होना बताया गया है। दाड़ी क्षेत्र में एक पेड़ गिरने से लाइन टूट गई, जबकि पिंगल नाले के पास दूसरी लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इन लाइनों के बंद होने से धर्मशाला और मकलोडगंज जैसे प्रमुख इलाकों में अंधेरा छा गया। स्ट्रीट लाइट्स बंद हो गईं और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा। आपातकालीन बहाली के प्रयासों के तहत 11 केवी फीडर का प्रयोग किया गया, लेकिन शुरुआती प्रयास विफल रहे। तीन घंटे की मशक्कत के बाद ही आंशिक रूप से बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
स्थिति की निगरानी में जुटा प्रशास ,राज्य प्रशासन और विद्युत विभाग हालात पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था और मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।



