
चंबा,हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है। तीसा उपमंडल के चनवास क्षेत्र में बीती रात एक स्विफ्ट कार 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई, जिसमें 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो पुरुष, दो महिलाएं और दो मासूम बच्चे शामिल हैं।
मारे गए लोग: एक ही परिवार के सदस्य थे
हादसे में जान गंवाने वालों में चनवास में तैनात एक सरकारी स्कूल के जेबीटी शिक्षक राजेश कुमार की पत्नी और उनके दो बच्चे भी शामिल हैं। कार में उनके साले हेमराज उर्फ फौजी, जो डोगरा रेजिमेंट में तैनात थे, भी सवार थे। इसके अलावा, गांव के ही एक अन्य व्यक्ति ने कार में लिफ्ट ली थी, वह भी हादसे का शिकार हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार:
परिवार बनीखेत से अपने गांव चनवास लौट रहा था।
रात करीब 9:30 बजे, गांव से लगभग एक किलोमीटर पहले भंजराडू से चनवास शाहवा मार्ग पर कार अचानक अनियंत्रित होकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के वक्त कार में कुल 6 लोग सवार थे। जैसे ही हादसा हुआ, स्थानीय लोगों ने जोर की आवाजें सुनीं और तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन और जांच
सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम, स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे। सभी शवों को खाई से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
क्षेत्र में शोक की लहर
हादसे की खबर फैलते ही पूरे चनवास क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक परिवार शिक्षा और फौज जैसे सम्मानित क्षेत्रों से जुड़ा था, जिससे दुख और गहरा गया है।
चुराह विधानसभा क्षेत्र से विधायक हंस राज ने बताया कि यह सड़क महज चार साल पहले ही बनी थी, और उन्होंने हादसे को बेहद दुखद और विचलित कर देने वाला बताया।
मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस दर्दनाक हादसे पर शोक जताया और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा:
“चम्बा जिला के तीसा के चनवास में हुई कार दुर्घटना में छह लोगों की मृत्यु अत्यंत दुःखद है। पीड़ित परिजनों के साथ मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति तथा परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।”
सवाल उठे: पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था पर फिर चिंता
यह हादसा एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश की खतरनाक पहाड़ी सड़कों और खराब रोड सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर इशारा करता है। खासकर रात के समय यात्रा में सावधानी न बरतना और सड़क किनारे सुरक्षा दीवारों की कमी ऐसे हादसों को और भयावह बना देती है।
डलहौजी और तीसा क्षेत्र के लिए यह हादसा न केवल एक पारिवारिक त्रासदी है, बल्कि प्रशासन और सरकार के लिए एक चेतावनी भी है कि समय रहते सड़क सुरक्षा उपायों पर ध्यान न दिया गया, तो ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है।



