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Himachal Chamba Car Accident: पहाड़ी से गिरे पत्थर बने दर्दनाक हादसे की वजह, JBT टीचर का पूरा परिवार और साला हादसे में खत्म

चंबा, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में हुए एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे की वजह अब साफ हो गई है। गुरुवार रात चुराह उपमंडल के तीसा क्षेत्र में हुई इस घटना में एक सरकारी स्कूल के JBT शिक्षक राजेश कुमार, उनकी पत्नी, दो बच्चों और फौजी जवान साले सहित 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे का कारण पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थर बताए जा रहे हैं, जिसने कार को 500 मीटर गहरी खाई में धकेल दिया।
 हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान
राजेश कुमार (40 वर्ष), पुत्र नरेन सिंह — JBT शिक्षक,हंसो देवी (36 वर्ष), पत्नी राजेश कुमार,आरती (17 वर्ष), पुत्री राजेश कुमार,दीपक (15 वर्ष), पुत्र राजेश कुमार,हेमराज उर्फ फौजी (44 वर्ष), साला — डोगरा रेजिमेंट में तैनात,हेम पाल (37 वर्ष), गाँव सलांचा — स्थानीय निवासी, लिफ्ट लेकर कार में सवार,सभी लोग एक स्विफ्ट कार में सवार थे और बनीखेत से अपने गांव बुलवास लौट रहे थे।

कैसे हुआ हादसा?
गुरुवार रात करीब 9:30 बजे, चनवास-शाहवा मार्ग पर भंजराडू के पास यह हादसा हुआ। कार में सवार सभी लोग तीखे मोड़ों और संकरी पहाड़ी सड़कों से होकर अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में अचानक ऊपरी पहाड़ी से भारी पत्थर गिर पड़े, जिससे कार अनियंत्रित होकर 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी।
पत्थरों की चपेट में आई कार के गिरते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई, लेकिन रात का समय और स्थान दूरदराज होने के कारण मदद पहुंचने में समय लगा।

 रेस्क्यू और पुलिस कार्रवाई
सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण, पुलिस, और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं क्योंकि खाई बहुत गहरी थी और अंधेरा था। सभी शवों को रात को ही खाई से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।

पूरा परिवार खत्म, पूरे क्षेत्र में मातम
इस हादसे ने एक पूरा परिवार छीन लिया। राजेश कुमार अपने बच्चों को बनीखेत से घर लेकर लौट रहे थे, जहां वे पढ़ाई कर रहे थे। इस हादसे के बाद चनवास, बुलवास और आसपास के पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों के अनुसार राजेश कुमार एक सुलझे हुए और जिम्मेदार शिक्षक थे।
स्थानीय विधायक और नेताओं की प्रतिक्रिया
चुराह से भाजपा विधायक हंस राज ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने बताया:

यह सड़क सिर्फ चार साल पहले बनी थी, लेकिन इस तरह की घटनाएं बहुत दुखद हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क निर्माण के साथ सुरक्षा उपायों की कमी अब जानलेवा बनती जा रही है।
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर दोनों ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया।
सीएम सुक्खू: “इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक है। सरकार पीड़ित परिवार के साथ है और हरसंभव सहायता प्रदान करेगी। पूर्व सीएम जयराम ठाकुर: “एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हृदय विदारक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति और परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति मिले।”

यह हादसा हिमाचल की संवेदनशील पहाड़ी सड़कों और अस्थिर चट्टानों की गंभीरता को दर्शाता है।
सड़कें बनने के बाद सुरक्षा दीवारें, रिटेनिंग स्ट्रक्चर और नियमित निरीक्षण जैसे जरूरी उपाय अक्सर नज़रअंदाज कर दिए जाते हैं।
भूस्खलन और पत्थर गिरने की संभावनाओं को नजरअंदाज करना सीधे जानलेवा साबित हो सकता है।

 सिस्टम पर सवाल, परिवार पर दुख का पहाड़
यह हादसा न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि हिमाचल की सड़क सुरक्षा प्रणाली पर भी कड़ा सवाल है। अगर उचित सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद आज छह जिंदगियां बच सकती थीं।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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