
शिमला ,हिमाचल प्रदेश में साइबर सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। राज्य के उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (emerginghimachal.gov.in) को साइबर अपराधियों द्वारा हैक कर लिया गया। ठगों ने वेबसाइट पर मुख्यमंत्री राहत कोष (CM Relief Fund) के नाम से फर्जी वेबपेज बनाकर उस पर फर्जी क्यूआर कोड अपलोड कर दिया। इस क्यूआर कोड के जरिए आम लोगों से पैसे मांगे गए, जिससे ठगी की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ मामला उजागर?
विभाग के अतिरिक्त निदेशक तिलकराज शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वेबसाइट राज्य के मैहली डेटा सेंटर में होस्टेड है। 26 जुलाई 2025 को संदिग्ध पेज वेबसाइट पर होस्ट किया गया। 28 जुलाई को विभाग की वेबसाइट मॉनिटरिंग टीम ने गड़बड़ी की जानकारी दी। उसी दिन वेबसाइट को तत्काल बंद कर दिया गया, और 29 जुलाई को वेबसाइट को साफ कर दोबारा शुरू किया गया।
क्या था फर्जी पेज पर
हैकर ने CM राहत कोष के नाम से एक फर्जी वेब पेज तैयार किया, जिसमें एक क्यूआर कोड लगा था। यह कोड सरकारी खाते के बजाय हैकर के निजी बैंक खाते से जुड़ा हुआ था। इससे आशंका है कि जनता को गुमराह कर उनसे पैसे ऐंठे गए।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी
छोटा शिमला थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और आईटी एक्ट की धारा 66(C) के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
अब यह जांच की जा रही है कि:
कितने लोगों ने 26 से 28 जुलाई के बीच इस क्यूआर कोड के जरिए पैसे ट्रांसफर किए?
हैकर कहां से और कैसे वेबसाइट तक पहुंचा?
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हमले
यह पहली बार नहीं है कि हिमाचल में किसी सरकारी वेबसाइट को निशाना बनाया गया हो। इससे पहले 5 जुलाई 2025 को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की वेबसाइट भी हैक हुई थी। लगातार हो रहे इन साइबर हमलों से सरकार की आईटी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरकारी वेबसाइटों की साइबर सुरक्षा पर ज़ोर देने की ज़रूरत
उद्योग विभाग की वेबसाइट हैकिंग की यह घटना न सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला है, बल्कि इससे सरकार की साख को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है। अब यह जरूरी हो गया है कि प्रदेश की सभी सरकारी वेबसाइटों की साइबर सुरक्षा की समीक्षा की जाए और सख्त मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाए। आम नागरिकों से अपील है कि किसी भी सरकारी फंड में पैसा ट्रांसफर करने से पहले वेबसाइट और क्यूआर कोड की वैधता अवश्य जांचें।



