
सेब की बढ़ती आमद के बीच HPMC ने कसी कमर, हिमफेड नहीं करेगा इस बार खरीद
शिमला ,हिमाचल में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है और इस साल सेब की पैदावार पिछले साल की तुलना में अधिक होने के कारण बाजारों और मंडियों में हलचल तेज हो गई है। बागबानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार की अधीनस्थ संस्था HPMC (हिमाचल प्रदेश मार्केटिंग एंड प्रोसेसिंग कॉरपोरेशन) ने अब तक प्रदेश में 135 सेब एकत्रीकरण केंद्र (कलेक्शन सेंटर) खोल दिए हैं।
इस सीजन में HPMC कुल 263 कलेक्शन सेंटर खोलेगा। अब तक 4000 टन सेब की खरीद की जा चुकी है। HPMC के प्रोसेसिंग प्लांट पूरी क्षमता से चालू
HPMC ने अपने तीनों प्रोसेसिंग प्लांट – पराला, जड़ोल और परवाणू में सेब की प्रोसेसिंग शुरू कर दी है। इन प्लांटों की उन्नत मशीनों की क्षमता पहले से बढ़ाई गई है, ताकि बड़ी मात्रा में सेब को प्रोसेस किया जा सके।
इस बार HPMC का लक्ष्य 3000 टन एप्पल कंसंट्रेट तैयार करने का है, जो पिछले साल के 2000 टन उत्पादन से अधिक है। जूस की मांग को देखते हुए प्राइवेट कंपनियों से करार करने की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी।
अब सिर्फ HPMC करेगा सेब की सरकारी खरीद
इस बार सेब खरीद के लिए सरकार ने केवल HPMC को अधिकृत किया है। पहले यह काम हिमफेड भी करता था, लेकिन इस वर्ष हिमफेड को यह जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई। इस कदम का उद्देश्य सेब खरीद की प्रक्रिया को अधिक एकीकृत और प्रभावी बनाना है।
किन जिलों में खुले हैं सेब कलेक्शन सेंटर?
अभी तक शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर और चंबा जिलों में कलेक्शन सेंटर खोले गए हैं, जहां से मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों से सेब आ रहे हैं। ऊंचाई वाले इलाकों का सेब अभी आना बाकी है, जिससे आने वाले दिनों में और तेजी की उम्मीद है।
अच्छे दाम और बाहरी राज्यों में बढ़ी मांग
राज्य की मंडियों में इस बार सेब को अच्छे दाम मिल रहे हैं, वहीं दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश जैसे बाहरी राज्यों में भी हिमाचली सेब की डिमांड में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
बागबानों के लिए राहतभरी खबर
सरकार द्वारा HPMC के ज़रिए तेजी से सेब की खरीद और प्रोसेसिंग शुरू करना बागबानों के लिए एक सकारात्मक कदम है। इससे उन्हें सीधे लाभ, अच्छे दाम और तेजी से भुगतान की सुविधा मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में सेब का सीजन और रफ्तार पकड़ेगा, जिससे हिमाचल की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।



