
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार उनकी गेंदबाज़ी के लिए नहीं बल्कि वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर। भारत के पूर्व कप्तान और चयन समिति के अध्यक्ष रह चुके दिलीप वेंगसरकर ने बुमराह को लेकर बड़ी टिप्पणी की है। उनका मानना है कि बुमराह को आईपीएल 2025 नहीं खेलना चाहिए था, जिससे वह इंग्लैंड के खिलाफ इस समर सीजन में हुई अहम टेस्ट सीरीज में पूरी तरह फिट और तरोताजा रहकर सभी पांच टेस्ट खेल सकते।
दरअसल, इंग्लैंड के खिलाफ तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी में जसप्रीत बुमराह ने तीन टेस्ट में 26.00 की औसत से 14 विकेट लिए थे। लेकिन टीम मैनेजमेंट ने पहले ही तय कर दिया था कि बुमराह सिर्फ तीन ही टेस्ट खेलेंगे ताकि उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा सके। वेंगसरकर को लगता है कि अगर बुमराह पांचों टेस्ट खेलते, तो भारत यह सीरीज ड्रॉ नहीं बल्कि जीत सकता था।
आईपीएल से दूर रहते तो बेहतर होता – वेंगसरकर
रविवार को टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में वेंगसरकर ने कहा,
“भारत-इंग्लैंड सीरीज की अहमियत और बुमराह की पीठ की समस्या को देखते हुए बीसीसीआई, चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को यह फैसला करना चाहिए था कि बुमराह को आईपीएल 2025 नहीं खेलना है। अगर मैं उस समय का चीफ सेलेक्टर होता, तो मैं खुद जाकर मुकेश अंबानी और बुमराह से बात करता और समझाता कि देश के लिए इस टेस्ट सीरीज में उनकी फिटनेस और मौजूदगी कितनी जरूरी है। मुझे भरोसा है कि वो मान जाते।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसी टेस्ट सीरीज बहुत कम होती है, शायद चार साल में एक बार। अब भारत 2027 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगली पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगा। यह एक यादगार सीरीज थी, और काश बुमराह सभी टेस्ट में खेलते तो शायद हम सीरीज जीत लेते।”
आईपीएल में शानदार प्रदर्शन, लेकिन कीमत चुकाई टीम ने
बुमराह ने आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस की ओर से 12 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 47.2 ओवर की गेंदबाजी की और 18 विकेट चटकाए। हालांकि, इसका खामियाजा इंग्लैंड सीरीज में उनकी सीमित उपलब्धता के रूप में भारतीय टीम को भुगतना पड़ा। वेंगसरकर का मानना है कि आईपीएल में जितने रन और विकेट होते हैं, उन्हें समय के साथ कोई याद नहीं रखता, लेकिन इंग्लैंड जैसी टेस्ट सीरीज की परफॉर्मेंस हमेशा याद की जाती है।
इंग्लैंड सीरीज में बाकी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
इस सीरीज में भले ही बुमराह सभी मैच न खेल सके हों, लेकिन मोहम्मद सिराज ने जबरदस्त गेंदबाजी करते हुए पांच टेस्ट में 23 विकेट लिए। बल्लेबाजी में शुभमन गिल (754 रन), केएल राहुल (532 रन), यशस्वी जायसवाल (411 रन), और ऋषभ पंत (479 रन) ने कमाल किया। वाशिंगटन सुंदर ने भी चार टेस्ट में 284 रन और सात विकेट लेकर ऑलराउंड प्रदर्शन किया।
बुमराह की गैरमौजूदगी में भारत कुछ मुकाबले जीतने में जरूर कामयाब रहा, लेकिन दिलीप वेंगसरकर का मानना है कि अगर टीम के प्रमुख गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरे सीरीज में खेलते, तो भारत इंग्लैंड के खिलाफ यह प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज अपने नाम कर सकता था। अब यह बहस फिर से तेज हो गई है कि क्या आईपीएल जैसे टूर्नामेंट को कुछ खिलाड़ियों के लिए सीमित किया जाना चाहिए ताकि राष्ट्रीय टीम के लिए उनका योगदान पूरा मिल सके।



