
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश भर में भूस्खलन, पेड़ गिरने, सड़क धंसने और नदियों के उफान से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे तक राज्य में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 398 सड़कें बंद हो चुकी हैं। 669 बिजली ट्रांसफार्मर और 529 पेयजल योजनाएं भी ठप पड़ी हैं, जिससे कई इलाकों में अंधेरा और पेयजल संकट बना हुआ है।
चंबा में चलती बस पर गिरे पत्थर, दो घायल
चंबा जिले में एक बड़ा हादसा टल गया जब चांजू से भंजराड़ू की ओर जा रही एक निजी बस पर अचानक पहाड़ी से बड़े-बड़े पत्थर गिर पड़े। बस में लगभग 40 यात्री सवार थे। पत्थरों ने बस की छत तोड़ दी, जिससे दो यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद बस में चीख-पुकार मच गई, लेकिन चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोका और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को नजदीकी पीएचसी बघेईगढ़ में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
शिमला में पेड़ गिरने और भूस्खलन से भारी नुकसान
राजधानी शिमला में देर रात से हो रही भारी बारिश के चलते कई स्थानों पर भूस्खलन और पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। विकास नगर में पेड़ गिरने से एक भवन की छत को नुकसान पहुंचा और सड़क पूरी तरह बंद हो गई। टुटीकंडी में एक साथ आधा दर्जन पेड़ गिरने से कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। वहीं खालीनी में हुए भूस्खलन में 6 मजदूर बाल-बाल बचे। हिमुडा कॉलोनी में भी एक कार पर मलबा और पेड़ गिरा है।
चंबा-पठानकोट हाईवे धंसा, मणिमहेश यात्रा बाधित
दुनेरा के पास चंबा-पठानकोट हाईवे के धंसने से वहां वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। दोनों ओर लंबी कतारें लग गई हैं। मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे के वक्त एक टिपर सड़क पर था, जिसे चालक ने समय रहते किनारे कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अब लोग पैदल सफर करने को मजबूर हैं। चंबा जिले में 24 सड़कें, 35 ट्रांसफार्मर और 18 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
10 घंटे बाद बहाल हुआ चंडीगढ़-मनाली हाईवे
जोगणी मोड़ (मंडी-कुल्लू मार्ग) पर सोमवार रात 9 बजे भारी भूस्खलन से चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे बाधित हो गया था। पंडोह पुलिस की मुस्तैदी से बड़ी जनहानि टल गई। रातभर स्थिति पर नजर रखने के बाद पीडब्ल्यूडी की टीम ने सुबह 5 बजे मलबा हटाना शुरू किया और 7 बजे हाईवे को बहाल कर दिया गया। फिलहाल मार्ग वनवे है, वाहन चालकों को सतर्क रहने और ओवरटेक से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश का कहर जारी, 18 अगस्त तक मौसम खराब, ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने बताया कि हिमाचल में 18 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 12 से 14 अगस्त तक ऑरेंज अलर्ट और 15 से 18 अगस्त तक येलो अलर्ट जारी किया गया है। कांगड़ा और मंडी सहित कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में मकानों की दीवारें गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं।
मानसून सीजन में अब तक 229 मौतें, नुकसान ₹2000 करोड़ पार
20 जून से अब तक प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान 229 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 323 लोग घायल हुए हैं। 36 लोग लापता हैं। सड़क हादसों में 116 मौतें हुई हैं। बादल फटने, भूस्खलन और बाढ़ से 2,388 मकान और दुकानें, 1,955 गोशालाएं और 1,611 पालतू पशु नष्ट हो चुके हैं। कुल मिलाकर प्रदेश को अब तक 2007 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।
चिंतपूर्णी में व्यक्ति की मौत
चिंतपूर्णी में एक व्यक्ति की 30 फीट नीचे नाले में गिरने से मौत हो गई। मृतक की पहचान लखविंदर सिंह (जालंधर, पंजाब) के रूप में हुई है, जो मानसिक रूप से बीमार था। पुलिस ने आशंका जताई है कि पैर फिसलने से यह हादसा हुआ।
सरकार और प्रशासन की अपील
प्रदेश सरकार और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में न जाएं, और प्रशासन द्वारा जारी मौसम चेतावनियों का पालन करें।
हिमाचल प्रदेश इन दिनों प्रकृति के प्रकोप से जूझ रहा है। भूस्खलन, सड़कें बंद, पेयजल और बिजली आपूर्ति में बाधा, और मानसून से जुड़ी दुर्घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं, लेकिन जनता को भी सतर्कता और सहयोग बरतने की सख्त जरूरत है।



