
डमटाल (कांगड़ा)। पौंग बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद ब्यास नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। मंड घंडरां, मंड सनौर, मंड इंदौरा और मंड मियाणी के करीब 70 घर पानी की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए, और अब तक सात लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है।
स्थानीय प्रशासन की टीम ने विकास खंड अधिकारी इंदौरा सुदर्शन राणा के नेतृत्व में राहत अभियान चलाया। वार्ड-7 (घंडरां), वार्ड-4 व 5 (सनौर), वार्ड-11 (इंदौरा), और वार्ड-1 (मियाणी) में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों का दौरा करते हुए उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने अधिकारियों से राहत कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली।
प्रभावित लोगों में रमेश कुमार, अमित कुमार, रजनी, नमित, कनिक, शिवानी और एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला शामिल हैं, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि रातभर पानी का बहाव तेज होता रहा, जिससे लोग पूरी रात जागकर हालात पर नजर बनाए रहे।
उधर, एसडीएम सुरेंद्र ठाकुर ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे और निचले इलाकों में न जाएं तथा प्रशासन के निर्देशों का सख्ती से पालन करें। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
आपदा से निपटने को विधायक ने की समीक्षा बैठक
वन विश्राम गृह इंदौरा में विधायक मलेंद्र राजन की अध्यक्षता में बाढ़ से निपटने के लिए आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में जलभराव, सड़क क्षति और राहत कार्यों को लेकर तैयारियों की समीक्षा की गई। विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए, नालों की सफाई और सड़कों की मरम्मत में तेजी लाई जाए ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत प्रदान की जा सके।।



