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कुल्लू के डॉ. लोत राम ठाकुर.टोक्यो विश्वविद्यालय में करेंगे अंतरिक्ष मौसम पर शोध

कुल्लू अपडेट, हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय शोध मंच पर एक बार फिर प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। नग्गर उपतहसील के चाचोगी गांव निवासी डॉ. लोत राम ठाकुर ने वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्हें जापान सरकार के प्रतिष्ठित जेएसपीएस (Japan Society for the Promotion of Science) पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम के लिए चयनित किया गया है।

यह फेलोशिप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत प्रतिस्पर्धी और सम्मानजनक मानी जाती है, जिसके तहत चुनिंदा शोधकर्ताओं को जापान की विभिन्न प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज और शोध संस्थानों में अनुसंधान का अवसर दिया जाता है। डॉ. लोत राम का चयन टोक्यो विश्वविद्यालय के लिए हुआ है, जहां वे “स्पेस वैदर” यानी अंतरिक्ष मौसम पर गहन शोध करेंगे।

अंतरिक्ष मौसम पर करेंगे गहन शोध
डॉ. लोत राम की रिसर्च थीम मंगल और शुक्र ग्रह के निकट अंतरिक्ष वातावरण में होने वाले परिवर्तनों से संबंधित है। उनका शोध इस बात पर केंद्रित होगा कि सूर्य की गतिविधियों और अंतरिक्षीय विकिरणों का इन ग्रहों के चारों ओर स्थित वायुमंडलीय परतों पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह शोध न केवल अंतरिक्ष विज्ञान की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि भविष्य में मानव मिशनों की योजना बनाने में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।

इसरो से जापान तक का सफर
इससे पहले डॉ. लोत राम का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस में पोस्ट डॉक्टोरल फेलोशिप के लिए हो चुका है। वहां वे स्पेस मिशनों से जुड़े वैज्ञानिक डेटा का विश्लेषण कर रहे थे। अब जेएसपीएस फेलोशिप के माध्यम से उन्हें वैश्विक स्तर पर अपनी रिसर्च को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

छोटे गांव से निकला बड़ा वैज्ञानिक
डॉ. लोत राम का जन्म और पालन-पोषण कुल्लू जिले के नग्गर की चाचोगी पंचायत में हुआ। साधारण परिवार से आने वाले डॉ. लोत राम ने बचपन से ही पढ़ाई में रुचि दिखाई और विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने प्रदेश विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा प्राप्त की और फिर रिसर्च के क्षेत्र में कदम रखा।

युवाओं के लिए प्रेरणा
डॉ. लोत राम की यह उपलब्धि न केवल कुल्लू जिला बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से होने के बावजूद कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं।

वैश्विक मंच पर हिमाचल की पहचान
जापान के उच्च शोध संस्थान में चयन होने से यह साबित होता है कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्य के युवा भी विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह भारत और हिमाचल की वैज्ञानिक प्रतिभा की वैश्विक मान्यता भी है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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