
हिमाचल प्रदेश सरकार ने आखिरकार बिजली बोर्ड लिमिटेड के कर्मचारियों और अभियंताओं की संयुक्त संघर्ष समिति की मांगों पर सकारात्मक फैसला लेते हुए उन्हें बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मैराथन बैठक के बाद कई अहम घोषणाएं की गईं, जिससे लंबे समय से चली आ रही तनातनी को विराम मिला।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं पर दर्ज चार्जशीट को वापस लेने के आदेश बिजली बोर्ड प्रबंधन को दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बिजली बोर्ड में नई भर्तियों के लिए विशेष भर्ती नीति बनाने की बात कही, जिससे खाली पदों को भरा जा सकेगा और बोर्ड की कार्यक्षमता में सुधार आएगा।
नई भर्ती नीति की तैयारी, कर्मचारियों से मांगे जाएंगे सुझाव
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नई पॉलिसी तैयार करते समय कर्मचारी यूनियनों के सुझाव लिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और आवश्यकता आधारित होगी, जिससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा और बिजली बोर्ड को योग्य मानव संसाधन भी।
ओल्ड पेंशन स्कीम पर फिलहाल इंतजार
संघर्ष समिति की ओर से ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने की भी मांग रखी गई, जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल प्रदेश की वित्तीय स्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन जैसे ही परिस्थितियां सुधरेंगी, इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
पेंशनरों की लंबित ग्रेच्युटी और लीव एन्कैशमेंट होगी जारी
मुख्यमंत्री ने बिजली बोर्ड के पेंशनरों की लंबित लीव एन्कैशमेंट और ग्रेच्युटी की शीघ्र अदायगी के आदेश भी जारी किए। इससे सैकड़ों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति की मांग
संघर्ष समिति ने आउटसोर्स कर्मियों के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस विषय पर एक समिति गठित की जाएगी जो सभी पहलुओं की समीक्षा कर उचित निर्णय लेगी।
संघर्ष समिति ने जताया संतोष, कहा – “सीएम ने हमारी बातें सुनीं”
संयुक्त संघर्ष समिति के सह-संयोजक हीरा लाल वर्मा ने बैठक के बाद कहा कि मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और अधिकांश मुद्दों पर सकारात्मक फैसले लिए। अब हम ‘मिनट्स ऑफ मीटिंग’ का इंतजार कर रहे हैं।”
बैठक में ये रहे उपस्थित
ऊर्जा सचिव: राकेश कंवर
एचपीएसईबीएल के प्रबंध निदेशक: संदीप कुमार
विशेष सचिव ऊर्जा: शुभकरण सिंह
संघर्ष समिति की ओर से: ई. लोकेश ठाकुर, ई. एएस गुप्ता, ई. डीके गुप्ता, कुलदीप खरवाड़ा, डीएस डटवालिया, नरेंद्र ठाकुर, टीआर गुप्ता सहित कई पदाधिकारी
सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध अब शांत होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से न सिर्फ कर्मचारी नेताओं पर की गई कार्रवाई वापस ली गई है, बल्कि बोर्ड के ढांचे और नीतियों को दुरुस्त करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए गए हैं। आने वाले समय में इन फैसलों का असर न सिर्फ बोर्ड की कार्यक्षमता पर पड़ेगा, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल में भी इज़ाफा होगा।



