
सराज, आपदा से बुरी तरह प्रभावित सराज क्षेत्र में अब शिक्षा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने की दिशा में अहम कदम उठाए जा रहे हैं। राज्य के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मंगलवार को सराज विधानसभा क्षेत्र का दौरा कर क्षतिग्रस्त शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया और क्षेत्रवासियों को राहत की बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि प्रदेश में हालिया आपदा से 523 शिक्षण संस्थान प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 109 स्कूल पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इनमें 22 स्कूल अकेले सराज क्षेत्र के हैं।
पहले चरण में 16 करोड़ स्वीकृत, निर्माण की जिम्मेदारी हिमुडा को शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन 109 नष्ट हुए स्कूलों के पुनर्निर्माण के लिए पहले चरण में ₹16 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। बरसात समाप्त होते ही निर्माण कार्य हिमुडा (HIMUDA) के माध्यम से शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में कोई भी नया स्कूल या कॉलेज भवन आपदा संभावित क्षेत्रों से दूर बनाया जाएगा। इसके लिए उपनिदेशक शिक्षा, खंड शिक्षा अधिकारी और नोडल एजेंसी की संयुक्त जिम्मेदारी तय की गई है।
लंबाथाच कॉलेज के लिए 6 करोड़ की योजना
मंत्री रोहित ठाकुर ने लंबाथाच डिग्री कॉलेज के सुरक्षा कार्यों के लिए भी बजट का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कॉलेज की सुरक्षा दीवार के निर्माण के लिए लगभग ₹6 करोड़ की व्यवस्था या तो विश्व बैंक परियोजना से या अगले वित्तीय वर्ष में की जाएगी।
जंजैहली में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल, थुनाग में CBSE कक्षाएं
शिक्षा मंत्री ने यह भी ऐलान किया कि जंजैहली में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोला जाएगा, जिससे आपदा प्रभावित और दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। वहीं, थुनाग में अगले शैक्षणिक सत्र से सीबीएसई पाठ्यक्रम की कक्षाएं शुरू होंगी।
आपदा के बाद शिक्षा का उजाला
रोहित ठाकुर ने कहा कि आपदा से प्रभावित परिवारों के बच्चों के लिए यह प्रयास नई उम्मीद का दीपक जलाने जैसा है। निहरी प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं अब वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में संचालित होंगी, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो।
सड़क बहाली और बागबानों की राहत
शिक्षा मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि सराज की बंद सड़कों को जल्द से जल्द बहाल किया जाए, ताकि सेब की फसल को समय पर मंडियों तक पहुंचाया जा सके।
दौरे में शामिल रहे अधिकारी और जनप्रतिनिधि
इस मौके पर पूर्व मुख्य संसदीय सचिव सोहन लाल ठाकुर, चेतरात ठाकुर, जगदीश रेड्डी, नरेश चौहान, महेश राज, तरुण ठाकुर, गोपाल सहगल, ओम प्रकाश, निदेशक कॉलेज कॉडर डॉ. अमरजीत सिंह, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, एसडीएम थुनाग रमेश ठाकुर और उपनिदेशक शिक्षा यशवीर कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
हिमाचल की आपदा प्रभावित सराज घाटी में शिक्षा व्यवस्था को दोबारा खड़ा करने की दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। अब यह उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्कूलों में बच्चों की चहचहाहट और रौनक फिर से लौटेगी।



