
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के आगामी मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मंगलवार को विधानसभा सचिवालय में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में निर्णय लिया गया कि सत्र के दौरान विधानसभा परिसर और उसके आसपास करीब 900 पुलिस जवानों को सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
हस्तलिखित होंगे प्रवेश पत्र, पास पर लगानी होगी फोटो
इस बार सभी प्रवेश पत्र (पास) हस्तलिखित माध्यम से जारी किए जाएंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि चूंकि अभी राष्ट्रीय ई-विधान “नेवा” प्रणाली का क्रियान्वयन पूरी तरह नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल ऑनलाइन प्रणाली को लागू नहीं किया जा सकता। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि कोई भी सरकारी कर्मचारी या पासधारक अपना पास किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दे सकेगा। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी हर पास पर फोटो चिपकाना अनिवार्य होगा।
मुख्य पार्किंग में केवल विशिष्ट वाहनों को अनुमति
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विधानसभा परिसर की मुख्य पार्किंग में केवल मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिवों और प्रशासनिक सचिवों के वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। अन्य वाहनों को वैकल्पिक पार्किंग में भेजा जाएगा।
जनप्रतिनिधि मंडलों से मिलने का समय निर्धारित
मुख्यमंत्री और मंत्री परिषद के सदस्यों से मिलने आने वाले जनप्रतिनिधि मंडल और आगंतुकों को विधानसभा स्थित प्रतीक्षालय में इंतजार करना होगा। वे केवल समय मिलने पर संबंधित मंत्री से मिल सकेंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक
इस उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक में डीजीपी अशोक तिवारी, एडीजी स्टेट सीआईडी ज्ञानेश्वर सिंह, पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी, सचिव राजेश शर्मा, आईजी संतोष पटियाल, राजेश कुमार, अनुपम कश्यप, यशपाल शर्मा, भुवन शर्मा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, बेग राम कश्यप, हरदयाल भारद्वाज, तथा लोक निर्माण विभाग, होम गार्ड, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई नहीं
एसपी शिमला संजीव गांधी ने बताया कि 900 जवानों की तैनाती के साथ-साथ परिसर के हर कोने में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। आधुनिक उपकरणों, निगरानी कैमरों और जांच टीमों के माध्यम से हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
विधानसभा मानसून सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और विधानसभा सचिवालय पूर्ण सतर्कता बरत रहा है। सत्र के सुचारू संचालन और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे कोई अवांछनीय गतिविधि न हो सके। यदि आप चाहें तो मैं इसका एक संक्षिप्त टीवी/रेडियो बुलेटिन स्क्रिप्ट या सोशल मीडिया अपडेट भी तैयार कर सकता हूँ।



