
कुल्लू, ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव को और अधिक वैश्विक स्वरूप देने के प्रयासों के तहत हिमाचल प्रदेश सरकार और उत्सव समिति ने मध्य एशियाई देशों को साझेदार राज्य (Partner State) के रूप में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।
जिसमे दिल्ली स्थित साउथ ब्लॉक में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में विधायक एवं अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव समिति के अध्यक्ष सुंदर सिंह ठाकुर ने भाग लिया। उन्होंने बैठक में शामिल मध्य एशियाई देशों के राजनयिकों का कुल्लवी टोपी और शॉल पहनाकर पारंपरिक स्वागत किया।
बैठक में ताजिकिस्तान, कज़ाकिस्तान, किर्गिज़स्तान, उज़्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के राजदूतों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान इन देशों के कारीगरों, शिल्पकारों और लोक कलाकारों को दशहरा उत्सव में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया, ताकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार, बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ाया जा सके।
बैठक में भारत में ताजिकिस्तान के राजदूत लुकमोन बोबोकालोनज़ोडा, कज़ाकिस्तान के राजदूत अज़मत येस्करायेव, किर्गिज़स्तान के राजदूत असकर बेशिमोव और गुज़ेल उमेतोवा, उज़्बेकिस्तान के प्रथम सचिव अब्दुलअज़ीज़ अब्दुगानिएव और उलुगबेक रिज़ाएव, तथा तुर्कमेनिस्तान के राजदूत शालर गेल्डिनज़ारोव उपस्थित रहे।
इसके अलावा बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार के प्रधान आवासीय आयुक्त सुशील सिंगला, अतिरिक्त उपायुक्त जयबंती ठाकुर, और विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव चरणजीत सिंह भी मौजूद रहे।
सूंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक मेलजोल ही नहीं, बल्कि व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग को भी सुदृढ़ करना है। कुल्लू दशहरा जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध उत्सव के माध्यम से भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंध और गहरे होंगे।



