
हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विज्ञान, कला और खेल जैसे स्पेशल कॉलेज शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा मिले, खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्रों को। उन्होंने प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक छात्रों के नामांकन और सफलता दर बढ़ाने पर जोर दिया।
राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में खुलेंगे डे-बोर्डिंग स्कूल
बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोल रही है। अभी 8 स्थानों पर इन स्कूलों का निर्माण शुरू हो चुका है। साथ ही, 56 मौजूदा स्कूलों को डे-बोर्डिंग स्कूलों में बदलने की योजना पर भी काम चल रहा है।
इन स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, पौष्टिक आहार, खेल, योग, मॉक टेस्ट और जीरो पीरियड जैसी सुविधाएं दी जाएंगी ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
नई विषयों की पहचान और कॉलेजों की ग्रेडिंग
सीएम सुक्खू ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वह ऐसे नए विषयों की पहचान करे, जिनमें भविष्य में रोजगार की संभावना अधिक हो। उन्होंने कॉलेजों की ग्रेडिंग प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को भी कहा ताकि आवश्यकता अनुसार स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर की पूर्ति की जा सके।
राज्य की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा सुधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पिछले ढाई साल में किए गए सुधारों के कारण सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। ASER 2024 रिपोर्ट के अनुसार बच्चों के पढ़ने के कौशल में सुधार हुआ है। वहीं, NAS सर्वेक्षण में हिमाचल ने देशभर में 5वां स्थान हासिल किया है, जो पहले 21वें स्थान पर था।
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार जारी रखेगी ताकि हर छात्र को अवसर और गुणवत्ता दोनों मिलें।



