
चंबा (हिमाचल प्रदेश): लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चंबा-भरमौर मार्ग पर भूस्खलन और चट्टानों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। उपायुक्त चंबा मुकेश रेप्सवाल ने श्री मणिमहेश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से अपील की है कि वे गुरुवार (आज) इस मार्ग पर यात्रा न करें।
प्रशासन ने यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है, क्योंकि मार्ग के कई हिस्सों पर भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
क्या कहा उपायुक्त ने?
उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने कहा,
“चंबा से भरमौर की ओर जाने वाला मार्ग फिलहाल असुरक्षित है। श्रद्धालु और आम नागरिक चंबा मुख्यालय से आगे यात्रा न करें, जब तक मौसम और सड़क की स्थिति सामान्य नहीं हो जाती। उन्होंने यह भी बताया कि संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है और आपातकालीन सेवाएं मुस्तैद हैं।
आपात स्थिति में संपर्क करें
किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु और नागरिक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
98166-98166
1077 (टोल फ्री नंबर)
यात्रियों से प्रशासन की अपील:
जब तक प्रशासन से अगली सूचना न मिले, यात्रा को स्थगित रखें। बारिश और भूस्खलन की चेतावनी को गंभीरता से लें। अनावश्यक रूप से जोखिम लेकर यात्रा पर न निकलें। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निर्देशों का पालन करें। मणिमहेश यात्रा की पृष्ठभूमि
श्री मणिमहेश यात्रा, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के भरमौर क्षेत्र में स्थित मणिमहेश झील तक की धार्मिक यात्रा है, जो हर वर्ष हजारों शिव भक्तों को आकर्षित करती है। यह यात्रा श्रावण महीने में शुरू होती है और भाद्रपद में समाप्त होती है। हालांकि, इस बार मौसम की मार ने यात्रा को कठिन बना दिया है, जिससे प्रशासन को सावधानी बरतने की सलाह देनी पड़ी है।
प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करना श्रद्धालुओं के लिए जानलेवा हो सकता है। ऐसे में भक्तों से अपील है कि वे फिलहाल यात्रा स्थगित रखें और जब तक मौसम साफ न हो और मार्ग पूर्णतः सुरक्षित घोषित न हो, तब तक यात्रा न करें। जान है, तो जहान है।



