
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि सरकार द्वारा संस्थानों को बार-बार स्थानांतरित करना या बंद करना उसकी संकीर्ण मानसिकता और राजनीतिक लाभ की नीति को दर्शाता है। उन्होंने विशेष रूप से अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी को नेरचौक से सरकाघाट शिफ्ट करने की घोषणा पर गहरी आपत्ति जताई है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि मौजूदा सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान न तो नए संस्थान खोले हैं और न ही जनता के लिए नई सौगातें दी हैं। इसके विपरीत, पहले से स्थापित संस्थानों को या तो बंद किया जा रहा है या बार-बार स्थान बदला जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के साथ ऐसा ही किया गया है पहले इसे नेरचौक में ही रखने की बात हुई, फिर सुंदरनगर ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन जमीन उपयुक्त नहीं मिली। इसके बाद मंडी और हमीरपुर में भी इसे शिफ्ट करने की चर्चा हुई और अब सरकाघाट में इसे स्थापित करने की घोषणा कर दी गई है।
जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया
“जो संस्थान एक स्थान पर सुचारु रूप से चल रहा है, उसे बार-बार स्थानांतरित करने की क्या आवश्यकता है? यह सरकार की अस्थिर सोच और राजनीतिक द्वेष को दिखाता है।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू यदि सरकाघाट क्षेत्र के लिए कुछ नई परियोजनाएं या विकास कार्यों की घोषणाएं करते, तो जनता उनका स्वागत करती। लेकिन पहले से चल रहे संस्थानों को वहां ले जाकर दूसरी जगहों को वंचित करना उचित नहीं है।
पूर्व सीएम ने सरकार से आग्रह किया कि राजनीतिक लाभ के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों से खिलवाड़ न किया जाए, क्योंकि इससे न केवल संस्थानों की कार्यक्षमता पर असर पड़ता है, बल्कि छात्रों और आम जनता को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।



