
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित पौंग डैम क्षेत्र से घुमंतू गुज्जरों को हटाने के लिए जवाली पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। यह कार्रवाई बाथू दी लड़ी के पास की गई, जहां गुज्जर समुदाय के लोग अपने मवेशियों के साथ डेरा डाले हुए थे।
डीएसपी जवाली वीरी सिंह राठौर ने जानकारी देते हुए बताया कि इन लोगों ने सेंक्चुरी एरिया (वन्यजीव अभयारण्य क्षेत्र) में अवैध रूप से डेरा डाल रखा था, जिसे नियमों के विरुद्ध मानते हुए उन्हें वहां से हटा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि ये लोग दोबारा इस क्षेत्र में डेरा डालते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के पीछे दो प्रमुख कारण रहे:
उच्च न्यायालय के निर्देश
पर्यावरण संरक्षण को लेकर दायर एक याचिका पर हिमाचल हाई कोर्ट ने निर्देश दिए थे कि वन्य प्राणी विभाग की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बाढ़ की चेतावनी:
भारी बारिश के चलते फ्लड (बाढ़) का खतरा मंडरा रहा है, और पौंग झील का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में झील किनारे रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
याचिकाकर्ता मिलखी राम शर्मा, जो एक पर्यावरण प्रेमी हैं, ने अदालत में कहा था कि गुज्जरों की मौजूदगी से सेंक्चुरी एरिया में लगाए गए पौधों और जैवविविधता को नुकसान पहुंच रहा है। इसके बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन और पुलिस को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और आम लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक था। प्रशासन ने घुमंतू समुदाय से अपील की है कि वे वैध और सुरक्षित क्षेत्रों में ही अपने डेरे लगाएं।



