Search
Close this search box.

पौंग डैम से 75 हज़ार क्यूसिक पानी छोड़े जाने की तैयारी, निचले इलाकों में अलर्ट जारी

हिमाचल ,पौंग डैम से लगातार पानी छोड़े जाने का सिलसिला अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। डैम में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को 75 हज़ार क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा।

मंगलवार सुबह 8 बजे के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार पौंग डैम का जलस्तर 1383.02 फीट तक पहुंच गया है। डैम में पानी की आवक इस समय 74,000 क्यूसिक से भी अधिक है। वर्तमान में 59,835 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें टरबाइनों के ज़रिए 17,456 क्यूसिक और स्पिलवे गेट्स से 42,379 क्यूसिक पानी का डिस्चार्ज शामिल है।

बुधवार को बढ़ेगा जलप्रवाह, प्रशासन सतर्क
बीबीएमबी ने जिला प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया है कि बुधवार से पानी की मात्रा बढ़ाकर 75,000 क्यूसिक की जाएगी। इसके मद्देनज़र निचले क्षेत्रों विशेष रूप से फतेहपुर उपमंडल में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

फतेहपुर के एसडीएम विश्रुत भारती ने मंगलवार सुबह 11 बजे सभी संबंधित विभागों के साथ एक आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में बाढ़ राहत और बचाव कार्यों को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। प्रशासन का फोकस राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम देने पर है।

खतरे की जद में ये क्षेत्र
एसडीएम ने बताया कि पौंग डैम से छोड़े जाने वाले पानी का सबसे अधिक असर ब्यास नदी किनारे बसे गांवों पर पड़ेगा। जिन गांवों को संभावित खतरे वाले क्षेत्र घोषित किया गया है, उनमें मंड क्षेत्र, रियाली पंचायत, मंड बहादपुर, मंड भोग्रवां, और थाथ शामिल हैं।

प्रशासन ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे किसी भी हाल में नदी किनारे न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया गया है और राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने का आदेश दे दिया गया है।

पूरी तैयारी, लेकिन सतर्कता जरूरी
प्रशासन का कहना है कि हालात पर लगातार नज़र रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी व्यवस्थाएं तैयार हैं। फिर भी जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी परिस्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि प्रशासन के साथ सहयोग करें।

पौंग डैम से पानी छोड़े जाने की बढ़ती मात्रा निचले क्षेत्रों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसे में ज़रूरी है कि लोग सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी संभावित आपदा से समय रहते निपटा जा सके।

Kullu Update
Author: Kullu Update

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज