
हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब कक्षाओं के अंदर ‘गाइड’ या अन्य सहायता पुस्तकों (हेल्पिंग बुक्स) से पढ़ाई नहीं करवाई जा सकेगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में सभी जिला उपनिदेशकों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि कक्षा शिक्षण के दौरान केवल एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकें ही इस्तेमाल की जाएं, अन्य किसी भी प्रकार की गाइड या सहायता पुस्तक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है।
आदेश का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई शिक्षक या संस्था प्रधान इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों में कहा गया है कि हाल के समय में यह देखने को मिला है कि कई अध्यापक कक्षाओं में गाइड या अन्य सहायता पुस्तकों के माध्यम से पढ़ा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को मिलने वाली गुणात्मक शिक्षा प्रभावित हो रही है।
शिक्षकों के लिए इनपुट सीमित होने की आशंका
निदेशालय के अनुसार, इन हेल्पिंग बुक्स का अधिक प्रयोग करने से शिक्षकों की स्वयं की तैयारी और प्रस्तुति क्षमता सीमित हो जाती है, जिससे शिक्षा का स्तर गिरता है। इसलिए यह फैसला गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से लिया गया है।
कॉलजों में प्रवेश की तिथि बढ़ी
इसी के साथ एक अन्य अहम जानकारी के तहत, हिमाचल प्रदेश के कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 30 अगस्त कर दी गई है।
छात्र अब बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीएससी ऑनर्स माइक्रोबायोलॉजी, बीएससी ऑनर्स बायोटेक्नोलॉजी सहित विभिन्न यूजी कोर्सेज के लिए ऑनलाइन आवेदन 30 अगस्त 2025 तक भर सकते हैं।
हिमाचल सरकार ने स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाते हुए गाइड के प्रयोग पर रोक लगाई है, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर और मानक आधारित शिक्षा मिल सके। वहीं कॉलेजों में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों के लिए यह राहत की खबर है कि उन्हें अब आवेदन के लिए और समय मिल गया है।



