
महाराजा कोठी क्षेत्र के दोहरा नाला में बादल फटने से भारी नुकसान चार दुकानें (राशन, चिकन शॉप, चाइनीज स्टॉल, शराब ठेका) पानी में बह गईं
पैदल पुलिया बहने से लोगों की आवाजाही बाधित ,प्रभावितों को प्रशासन से अब तक कोई तात्कालिक सहायता नहीं राजस्व विभाग और आबकारी विभाग ने लिया नुकसान का जायजा
घटना का विवरण:
जिला कुल्लू के महाराजा कोठी क्षेत्र में दोहरा नाला सोमवार को बादल फटने से उफान पर आ गया, जिससे इलाके में भारी तबाही हुई। बाढ़ के मलबे ने खेतों और घरों में घुसकर लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। नाले के किनारे बनी चार दुकानें पूरी तरह से तबाह हो गईं। इनमें राशन की दुकान, चिकन की दुकान, एक चाइनीज स्टॉल और शराब का ठेका शामिल है।
नुकसान का आकलन:
राशन की दुकान के मालिक अमरचंद ने बताया कि उनका लगभग ₹9 लाख का नुकसान हुआ है।
दुकानें पूरी तरह बह गईं और मलबा सड़कों पर भर गया, जिससे यातायात और आवाजाही ठप है।
पैदल पुलिया भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गई, जिससे ग्रामीणों को नाला पार करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक स्थिति:
राजस्व विभाग ने नुकसान का जायजा तो लिया, लेकिन प्रभावितों को कोई तात्कालिक राहत नहीं मिली।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर कोई बड़ा अधिकारी अब तक नहीं पहुंचा।
आबकारी विभाग के सहायक अधिकारी पंकज राणा ने शराब ठेके के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने की पुष्टि की है।
प्रभावितों की पीड़ा:
अमरचंद ने कहा,
“हमारी पूरी कमाई और कारोबार एक दिन में बह गया। प्रशासन आया जरूर, लेकिन अब तक एक रुपया भी राहत नहीं मिला। आने वाले दिनों में परिवार का गुज़ारा कैसे चलेगा, ये सोचकर रातों की नींद उड़ गई है।”
स्थिति की गंभीरता:
लगातार हो रही भारी बारिश से भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
सड़क मार्गों पर मलबा जमा होने से आवागमन रुका हुआ है।
लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी समाधान की मांग की है।
कुल्लू के दोहरा नाला क्षेत्र में आई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि स्थानीय प्रशासन की तैयारियां आपातकालीन हालातों से निपटने में कितनी कमजोर हैं। नुकसान झेल रहे दुकानदारों और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति पहले से ही नाजुक है, ऐसे में सरकार की त्वरित सहायता ही उनके लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। जनहित में अपील: यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में हैं जहां भूस्खलन या बाढ़ की आशंका है, तो प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।



