Search
Close this search box.

बारिश ने छीना सुकून: कुल्लू के लौट गांव में आशियाने खतरे में, प्रशासनिक सहायता अब तक नदारद

बाराहार पंचायत के लौट गांव में तीन घर गिरने की कगार पर भूस्खलन से कई मकान क्षतिग्रस्त, लोग रिश्तेदारों के घरों में शरण लेने को मजबूर प्रभावितों को अब तक प्रशासन से कोई मदद नहीं मिली पंचायत प्रधान ने राहत की मांग की, हालात गंभीर

जिला कुल्लू के लौट गांव में लगातार हो रही भारी बारिश ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। विशेषकर बाराहार पंचायत के तहत आने वाले इस क्षेत्र में भूस्खलन और मलबे के कारण मकान ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। रविवार को हुई भारी बारिश ने स्थिति और भी भयावह बना दी है।
तीन परिवारों के घर पूरी तरह खतरे में:
रविंद्र कुमार पुत्र भाग सिंह
डाले राम पुत्र कुमरू
राम सिंह व प्रेम चंद पुत्र ज्ञान चंद

इन परिवारों के घरों की छतें टूट चुकी हैं, दीवारों में दरारें आ गई हैं और भूस्खलन से घर के पीछे का मलबा तेजी से नीचे की ओर खिसक रहा है, जिससे इन घरों के कभी भी ढहने का खतरा है।

क्या बोले प्रभावित?
रविंद्र कुमार ने बताया:
“हम हर पल डर के साए में जी रहे हैं। तेज बारिश हुई तो पूरा घर ढह जाएगा। अभी तक कोई प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया, कोई पूछने तक नहीं आया कि हम जिंदा हैं या नहीं।”
वहीं, खणुगंना गांव में भी लगभग 22 लोगों वाले तीन परिवारों को अपना घर छोड़कर रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ी है, क्योंकि उनके घर भी कभी भी गिर सकते हैं।

पंचायत प्रधान ने जताई चिंता:
बाराहार पंचायत के प्रधान परस राम ने हालात की गंभीरता को स्वीकारते हुए कहा:
“लौट गांव में दो परिवारों के हालात बेहद खराब हैं। कई लोग हमारे घरों में शरण ले रहे हैं। प्रशासन से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई मदद नहीं आई।”

क्या चाहिए अब?
प्रभावित परिवारों के लिए तात्कालिक राहत शिविर की व्यवस्था
स्थायी पुनर्वास की योजना
भूस्खलन क्षेत्र में सुरक्षा उपायों की त्वरित कार्रवाई
खराब सड़कों की मरम्मत और पहुंच मार्गों को सुचारु बनाना

लौट गांव और खणुगंना जैसे दुर्गम क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा के बाद लोगों का जीवन जैसे थम सा गया है। बर्फ, बारिश और अब भूस्खलन ने आशियाने छीन लिए हैं। इन हालात में सरकार और प्रशासन की संवेदनशीलता ही लोगों के लिए उम्मीद की किरण हो सकती है। राहत और पुनर्वास कार्यों में देरी यहां आम लोगों की जान के लिए जोखिम बनती जा रही है।
प्रशासन से अपील: कृपया प्रभावित गांवों में त्वरित राहत कार्य शुरू करें। एक भी देरी किसी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज