
हिमाचल में भूस्खलन बना जानलेवा बाधा: एनएच-305 पर 108 एंबुलेंस फंसी, पीठ पर घायल युवती डेढ़ घंटे दर्द से कराहती रही
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण एनएच-305 एक बार फिर आम लोगों और पर्यटकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मंगलवार को इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 13 घंटे तक यातायात बाधित रहा, जिससे कई मरीजों की जान पर बन आई।
घायल युवती दर्द में तड़पती रही
हरियाणा के सोनीपत से आई एक 32 वर्षीय पर्यटक युवती सपना, जिभी में होटल के कमरे में फिसलकर गिर गई।
पीठ और कमर में गहरी चोट लगी।
पहले निजी वाहन से बालीचौकी अस्पताल लाई गई।
वहां से प्राथमिक उपचार के बाद 108 एंबुलेंस के जरिए कुल्लू अस्पताल रेफर किया गया।
लेकिन रास्ते में धामन पुल के पास भूस्खलन होने से एंबुलेंस फंस गई।
समय: दोपहर 3:15 बजे से 4:45 बजे तक
युवती करीब 90 मिनट तक दर्द में कराहती रही।
अन्य मरीजों की भी हालत गंभीर
एंबुलेंस में सपना के साथ दो अन्य महिला मरीज भी मौजूद थीं:
एक गर्भवती महिला
एक अन्य महिला मरीज
सभी को कुल्लू अस्पताल ले जाया जा रहा था।
जाम में फंसी गाड़ियों में मरीजों की हालत बिगड़ने लगी थी।
शाम करीब 4:45 बजे हाईवे खुला, जिसके बाद एंबुलेंस को प्राथमिकता के आधार पर रवाना किया गया।
घायल युवती के साथी की प्रतिक्रिया
सपना के मित्र प्रवीण ने बताया:
“हम होटल में थे, तभी सपना फिसलकर गिर गई। उसे पहले निजी गाड़ी से बालीचौकी ले गए, फिर एंबुलेंस से कुल्लू जा रहे थे। लेकिन भूस्खलन के कारण रास्ते में फंस गए। वह दर्द से बहुत परेशान थी।”
प्रशासन के लिए चेतावनी
यह घटना हिमाचल में आपदा प्रबंधन की कमियों और जोखिमों की गंभीर याद दिलाती है:
पर्यटन क्षेत्र में आपातकालीन मार्गों की अनुपलब्धता
संचार और वैकल्पिक मार्गों की कमी
रिस्क जोन में एंबुलेंस सेवा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों की जरूरत
एनएच-305 का बार-बार बाधित होना केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए जीवन-मरण का सवाल बन गया है। यह घटना आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य इमरजेंसी प्रतिक्रिया और सड़क अधोसंरचना की तत्काल समीक्षा की मांग करती है।



