
शिमला ,हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन नौकरियों और बेरोजगारी के मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा विधायकों ने सरकार पर चुनावी वादे न निभाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया।
विपक्ष ने पूछा, कहां हैं एक लाख नौकरियां?
विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर और विधायक विक्रम सिंह ठाकुर ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में एक साल में 1 लाख और पांच साल में 5 लाख नौकरियां देने की गारंटी दी थी। लेकिन अब तक यह वादा सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गया है।
सीएम ने गिनाईं नियुक्तियाँ, विपक्ष ने ठहराया झूठा
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जवाब में सरकार की ओर से दी गई नियुक्तियों की सूची पढ़नी शुरू की, लेकिन विपक्ष ने आरोप लगाया कि “झूठे आंकड़े पेश किए जा रहे हैं”। इससे सदन में हंगामे का माहौल बन गया।
“झूठी गारंटी से जनता को गुमराह किया”
विपक्ष ने सरकार पर “झूठी गारंटी देकर जनता को गुमराह करने” का आरोप लगाया। नारेबाजी करते हुए भाजपा विधायक सदन से बाहर निकल गए और सरकार के खिलाफ ‘रोजगार दो, जवाब दो’ के नारे लगाए।
जॉब ट्रेनी पॉलिसी पर भी बहस
सदन में जॉब ट्रेनी पॉलिसी को लेकर भी विवाद हुआ। विपक्ष ने इस नीति को “स्थायी रोजगार का विकल्प नहीं” बताया, जबकि सत्ता पक्ष ने इसे युवाओं को अनुभव देने की योजना बताया।



