
शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि सरकार अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पांच साल के भीतर पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि 1500 रुपये मासिक महिला सम्मान राशि सहित सभी गारंटियां निर्धारित समय में पूरी की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने यह बात विपक्ष द्वारा पूछे गए रोजगार से संबंधित प्रश्नों के जवाब में कही।
भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार और सतपाल सत्ती ने सरकार से नए सरकारी पदों के सृजन को लेकर सवाल पूछा था, लेकिन चर्चा सरकार की गारंटियों और रोजगार नीतियों पर केंद्रित हो गई।
2 वर्षों में 5,960 नए पद, 1,783 पद खत्म
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पिछले दो वर्षों में 5,960 नए सरकारी पद सृजित किए गए हैं, जबकि 1,783 गैर-आवश्यक पद समाप्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कई संस्थान खोले लेकिन उनमें कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की, जिससे संसाधन तो बढ़े पर सेवा नहीं।
शिक्षा विभाग में:
3,000 TGT पद
1,500 JBT पद बैचवाइज भरे गए
शिक्षा रैंकिंग में राज्य 21वें से 5वें स्थान पर आ गया है
अन्य विभागों में:
5,000 पंप ऑपरेटर नियुक्त
1,100 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती
2,061 वन मित्रों को नौकरी
1,300 पुलिस पदों का लिखित परिणाम जारी
6,200 आया और 6,000 एनटीटी की नियुक्ति अगले दो महीनों में
विदेश में रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम को केंद्र सरकार से विदेशों में रोजगार दिलाने का लाइसेंस मिला है। इसके तहत सऊदी अरब सहित अन्य देशों में राज्य के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
जॉब ट्रेनी पॉलिसी पर सफाई
भाजपा विधायक सतपाल सत्ती द्वारा जॉब ट्रेनी पॉलिसी को लेकर उठाए गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
“जॉब ट्रेनिंग पॉलिसी, असल में कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी का ही एक नया नाम है। कोर्ट के फैसलों के कारण इसमें तकनीकी बदलाव करने पड़े हैं। लेकिन, जो भी उम्मीदवार चयन आयोग से पास होकर नियुक्त होगा, उसे स्थायी नौकरी (पक्की नौकरी) दी जाएगी।”
सदन में हंगामा और वॉकआउट पर विवाद
मुख्यमंत्री के जवाबों के दौरान विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर, सतपाल सत्ती और बिक्रम ठाकुर ने अनुपूरक सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन भारी शोरगुल हुआ। इसी बीच भाजपा विधायकों ने सदन छोड़ दिया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने वॉकआउट मानने से इनकार कर दिया।
बाद में भाजपा विधायकों ने सदन के बाहर नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अपने हर वादे को गंभीरता से पूरा कर रही है। चाहे वह महिला सम्मान राशि हो, युवाओं को रोजगार देना हो या सरकारी नियुक्तियों में पारदर्शिता — हर पहलू पर काम हो रहा है। वहीं, विपक्ष ने सरकार की नीतियों को लेकर तीखी आलोचना जारी रखी है, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।



