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हिमाचल में तीसरी बड़ी ताकत बनने की तैयारी में ‘आप’, कार्यकर्ता संवाद सम्मेलन में दिखा जोश

बिलासपुर: आम आदमी पार्टी (AAP) हिमाचल प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन को मजबूत करने और कांग्रेस-भाजपा के बाद तीसरी बड़ी राजनीतिक ताकत बनने के उद्देश्य से लगातार सक्रिय होती नजर आ रही है। पार्टी प्रदेशभर में जिला स्तर पर कार्यकर्ता संवाद सम्मेलन आयोजित कर रही है, जिनके जरिए संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की जा रही है और भविष्य की रणनीति तय की जा रही है।

बिलासपुर में आयोजित एक ऐसे ही सम्मेलन में पार्टी के हिमाचल प्रदेश प्रभारी ऋतुराज गोविंद झा और सह-प्रभारी विजय फुलारा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और पार्टी की विचारधारा, दिशा और आगामी लक्ष्यों को लेकर मार्गदर्शन दिया।

संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश
कार्यकर्ता संवाद सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में पार्टी की जड़ें और अधिक मजबूत करना है। इसके तहत पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को आगामी पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारी शुरू करने का भी आह्वान किया। संगठन को गांव, पंचायत और ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने पर विशेष ज़ोर दिया गया।

पार्टी नेताओं ने कहा कि हिमाचल की जनता बदलाव चाहती है और ‘आप’ एक विकल्प नहीं, समाधान बनकर सामने आ रही है। कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों से जुड़ने, स्थानीय समस्याओं को उठाने और जनसंपर्क अभियान तेज करने के लिए प्रेरित किया गया।
क्या बोले पार्टी प्रभारी?

पार्टी प्रभारी ऋतुराज गोविंद झा ने कहा:
“हमारा लक्ष्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि हिमाचल में एक साफ-सुथरी, जवाबदेह और जनसेवक राजनीति की शुरुआत करना है। कार्यकर्ताओं के दम पर ही संगठन को ताकत मिलेगी।”

सह-प्रभारी विजय फुलारा ने भी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करते हुए कहा:
“कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ हैं। आने वाले समय में हम पंचायत से लेकर विधानसभा तक आम जनता की आवाज बनेंगे।”
संगठनात्मक रणनीति पर चर्चा
सम्मेलन के दौरान निम्न बिंदुओं पर विशेष फोकस रहा:
मंडल, बूथ और पंचायत स्तर पर संगठन का विस्तार
युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना
जमीनी मुद्दों पर कैंपेन और जनसंपर्क
सोशल मीडिया और डिजिटल आउटरीच को सक्रिय करना
पंचायत चुनावों की रणनीति पर फोकस

हिमाचल प्रदेश की राजनीति में जहां पारंपरिक रूप से कांग्रेस और भाजपा का दबदबा रहा है, वहीं अब AAP तीसरे विकल्प के रूप में खुद को स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। बिलासपुर जैसे जिलों से शुरू हुए संवाद कार्यक्रमों के जरिए पार्टी गांव-गांव तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।

आगामी पंचायत चुनावों और भविष्य की विधानसभा रणनीति में AAP की सक्रियता कितना असर डालेगी, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन फिलहाल, पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में गंभीर प्रयास करती दिख रही है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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