Search
Close this search box.

हिमाचल विधानसभा में बोले CM सुक्खू: बैंकों की FD से मिले ₹500 करोड़, बंद पड़े अकाउंट्स को तुरंत करें सक्रिय

शिमला: हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जानकारी दी कि राज्य सरकार को विभिन्न बैंकों में जमा फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FDs) से अब तक ₹500 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में प्राप्त हुए हैं। यह जानकारी उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का जवाब देते हुए दी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कई सरकारी विभागों के बैंक अकाउंट वर्षों से निष्क्रिय (नॉन-ऑपरेटिव) पड़े हैं, जिनमें भारी धनराशि फंसी हुई है। उन्होंने सभी विभागीय सचिवों को निर्देश जारी किए हैं कि इन खातों को तुरंत सक्रिय किया जाए, ताकि इस राशि का जनहित और विकास कार्यों में उपयोग सुनिश्चित हो सके।

भाजपा ने उठाए सवाल, CM ने दिया जवाब
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने सवाल उठाया कि एफडी का ब्याज जिन विभागों से संबंधित था, क्या वह पैसा उन्हीं विभागों को मिलेगा?
CM सुक्खू ने जवाब दिया:

“राज्य के सभी विभाग ट्रेजरी प्रणाली के तहत काम करते हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग को बजट उपलब्ध कराया जाएगा।”
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने यह सवाल उठाया कि आखिर इतने वर्षों तक ये खाते निष्क्रिय क्यों रहे, और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी या नहीं?
मुख्यमंत्री ने इसका उत्तर देते हुए कहा:

“हमारी सरकार ने बैंक चयन करते समय उच्च ब्याज दर को प्राथमिकता दी, जिसके चलते सरकार को अधिक रिटर्न मिला है। पिछली सरकारों ने इन खातों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई।”

सदन में राजनीति भी गर्माई: सैलरी बनाम पेंशन विवाद
रोजगार के मुद्दे पर हो रही बहस के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा:
“आपने महिलाओं को 1500 रुपए देने का वादा किया था, लेकिन अभी तक मिला कुछ नहीं। हां, अपनी धर्मपत्नी को पेंशन जरूर लगवा दी है।”
इस पर मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीखा जवाब देते हुए कहा:

“उन्हें पेंशन नहीं, सैलरी लगी है, और यह भी भाजपा की ही देन है। अगर भाजपा सरकार गिराने की कोशिश में निर्दलीय विधायक का इस्तीफा न करवाती, तो यह उपचुनाव नहीं होता और विधायक भी न बनतीं।”

यह टिप्पणी सीधे देहरा विधानसभा से जुड़ी थी, जहां निर्दलीय विधायक होशियार सिंह के इस्तीफे के बाद उपचुनाव में कमलेश ठाकुर विधायक बनीं।
विपक्ष का हमला: आंकड़ों में भ्रम फैला रही सरकार
जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा:

“जब CM किसी बात को ठीक से समझा नहीं पाते, तो वह कन्फ्यूजन फैलाते हैं। रोजगार गारंटी पत्र इसी सदन में पढ़ा गया था, लेकिन सरकार के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। 15 अगस्त पर एक आंकड़ा दिया जाता है, और सदन में दूसरा। इससे सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है।”

‘गा, गे, गी’ से नहीं चलेगा: भाजपा का व्यंग्य
भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर ने तीखे शब्दों में कहा कि:
“सरकार रोजगार के मुद्दे पर केवल ‘गा, गे, गी’ में बात कर रही है। दो साल से ऊपर हो गए, लेकिन दो लाख नौकरियों का वादा पूरा नहीं हुआ।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो युवा विदेश में नौकरी के लिए भेजे गए हैं, वे दुबई में गर्मी और शोषण से परेशान होकर वापस लौटना चाहते हैं।

विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री सुक्खू द्वारा एफडी से प्राप्त ब्याज और निष्क्रिय खातों को लेकर किए गए खुलासे ने जहां सरकार की फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी को सामने रखा, वहीं विपक्ष ने रोजगार, वादों और ट्रांसपेरेंसी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सदन में सैलरी-पेंशन और आंकड़ों को लेकर हुआ जोरदार वार-पलटवार इस बात का संकेत है कि राज्य की राजनीति आने वाले महीनों में और अधिक गर्माने वाली है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज