
हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) उत्तर भारत के प्रसिद्ध बाबा बालक नाथ सिद्धपीठ दियोटसिद्ध की पहाड़ी को भूस्खलन से बचाने के लिए ग्राउटिंग कार्य किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 75 लाख रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है और इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जल्द ही रिवाइज्ड एस्टिमेट मिलने के बाद काम शुरू होने की संभावना है।
भू-स्खलन से बढ़ी चिंता
हाल ही में मंदिर के गेट नंबर 5 पर हुए भूस्खलन और भारी चट्टानों के गिरने से श्रद्धालु बाल-बाल बचे, जिससे मंदिर की पहाड़ी की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए। लगातार बढ़ता कंस्ट्रक्शन वर्क और भीड़ का बोझ इस क्षेत्र को अस्थिर बना रहा है। इस स्थिति को देखते हुए ग्राउटिंग जैसे स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की गई।
गेट नंबर 5 से गुफा तक होगा कार्य
एसडीएम बड़सर एवं मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष राजेंद्र गौतम के अनुसार, गेट नंबर 5 से लेकर मुख्य गुफा तक ग्राउटिंग करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया चल रही है और बजट एवं एस्टिमेट फाइनल होने के बाद बरसात के बाद कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
पुरातत्व विभाग की चेतावनी पहले ही आई थी
कुछ वर्षों पूर्व पुरातत्व विभाग की टीम ने मंदिर की पहाड़ी पर पड़ रहे लगातार बोझ को गंभीर खतरा बताया था। अब जबकि भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, सरकार और मंदिर ट्रस्ट ने कार्यवाही तेज कर दी है।
एडीबी प्रोजेक्ट से हो रहे निर्माण कार्य
बाबा बालक नाथ मंदिर के विकास के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) से लगभग 65 करोड़ रुपये का बजट मंजूर हुआ है। इसके तहत मंदिर का जीर्णोद्धार, बहुमंजिला भवन, पार्किंग, रास्ते, लिफ्ट, नए गेट आदि बनाए जा रहे हैं। ऐसे में पहाड़ी की मजबूती और भी जरूरी हो गई है ताकि निर्माण कार्यों का अतिरिक्त भार पहाड़ी पर न पड़े।
धौलागिरी पर्वत पर बढ़ रहा भार
धौलागिरी पर्वत पर स्थित इस मंदिर के आसपास 100 से अधिक प्रसाद की दुकानें, 50 से ज्यादा मनियारी की दुकानें, 2 बड़े होटल, 3 रेस्टोरेंट, 9 ट्रस्ट की सराय, और 5 निजी सरायें चल रही हैं। साथ ही एक और सराय निर्माणाधीन है। इस लगातार बढ़ते वर्क लोड से भविष्य में और खतरा बढ़ सकता है।
दियोटसिद्ध मंदिर की सुरक्षा को लेकर उठाया गया यह कदम श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा के लिहाज से अहम है। उम्मीद की जा रही है कि बरसात के बाद ग्राउटिंग कार्य तेजी से शुरू होगा, ताकि यह पवित्र स्थल प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रह सके।



