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पीणी शाउण मेले में बिच्छू बूटी के साथ नाचे गूर, देव खेल बना आस्था और आश्चर्य का संगम

कुल्लू ,धार्मिक नगरी मणिकर्ण घाटी के पीणी गांव में बुधवार को शाउण मेले के दौरान एक ऐसा अलौकिक और आश्चर्यजनक नजारा देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। मेले में देवताओं के गूर (माध्यम) बिच्छू बूटी (स्थानीय भाषा में हाण) को हाथों में लेकर नाचते दिखे। आम व्यक्ति को जहां इस पौधे के संपर्क में आते ही तीव्र खुजली और जलन होती है, वहीं गूरों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

देव खेल बनी आकर्षण का केंद्र
देव खेल के दौरान गूरों ने न केवल बिच्छू बूटी को छुआ, बल्कि एक-दूसरे को यह बूटी लगाई भी, फिर भी उन्हें कोई एलर्जी नहीं हुई। यह दृश्य श्रद्धालुओं के लिए आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम बन गया। यही नहीं, जब गूरों ने बिच्छू बूटी हवा में फेंकी, तो श्रद्धालु उसे आशीर्वाद समझ कर लपकने लगे।
सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी

माता भागासिद्ध, माता चामुंडा, देवता नारायण, माता कराण और देवता लाहुआ घोंड के सम्मान में मनाए गए इस पारंपरिक मेले में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की। मेले में देव रथों के साथ नाटी नृत्य, ढोल-नगाड़ों की थाप, और शंख-नरसिंगे की ध्वनि ने माहौल को भक्तिमय कर दिया।

पांच दिवसीय आयोजन का समापन
शाउण मेला भादो संक्रांति की आधी रात से शुरू हुआ था और पांच दिनों तक चली देव खेल के बाद बुधवार को इसका समापन हुआ। इस अवसर पर देवता लाहुआ घोंड अपने भंडार से मंदिर तक पहुंचे, और सभी देवी-देवताओं के गूरों ने एक भव्य देव खेल में भाग लिया।

आज कसलादी में मेला
पीणी पंचायत के कसलादी गांव में गुरुवार को शाउण मेले का अगला आयोजन होगा। वहां भी माता भागासिद्ध, माता चामुंडा और देवता नारायण के दर्शन और देव खेल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें एक बार फिर आस्था की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है।

पुजारी बोले – परंपराओं का सम्मान
माता भागासिद्ध के पुजारी मोहर सिंह ने बताया कि शाउण मेला पूरी तरह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मनाया गया। श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया और स्थानीय संस्कृति की झलक से जुड़कर गौरवान्वित महसूस किया।

पीणी शाउण मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कुल्लू की अनूठी देव संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक है। बिच्छू बूटी जैसी तीव्र पौधे के साथ गूरों का निर्भय नृत्य जहां आस्था का प्रतीक है, वहीं यह लोगों को देव परंपराओं की गहराई से परिचित कराता है।

Kullu Update
Author: Kullu Update

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