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फ्लैश फ्लड से सहमे कुल्लू का जिया गांव, सुरक्षा दीवार की गुहार फिर अनसुनी

भुंतर ,जिला कुल्लू में भारी बारिश के चलते फ्लैश फ्लड की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। खासकर पिरड़ी, खोखन नाला, दोहरा नाला और मणिकर्ण घाटी में हालात बेहद खराब बने हुए हैं। पार्वती और ब्यास नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ने से जिया गांव के लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीण रात भर जागकर नदी की रफ्तार पर नजर रख रहे हैं, लेकिन प्रशासन की नींद नहीं टूटी।

जिया गांव की बदहाली, कोई पूछने वाला नहीं
जिया गांव, जो पार्वती नदी के किनारे बसा है, 2023 की बाढ़ में बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उस दौरान यहां का फुट ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया था और पार्वती नदी ने अपना बहाव मोड़ते हुए गांव की ओर रुख कर लिया था। अब एक बार फिर बारिश और मलबे के कारण नदी का बहाव गांव की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन ना सुरक्षा दीवार बनी, ना फुट ब्रिज की मरम्मत हुई।

प्रशासन की अनदेखी पर ग्रामीणों का गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और नेताओं से गुहार लगाई, लेकिन आज तक नदी किनारे सुरक्षा दीवार तक नहीं लगाई गई। हालात ऐसे हैं कि जिया गांव लावारिस हालात में तब्दील हो गया है। फ्लैश फ्लड का डर इतना है कि लोग रात को भी चैन से नहीं सो पा रहे।

एक चट्टान बनी तबाही की वजह
ग्रामीणों ने बताया कि नदी के बीचोंबीच एक बड़ी चट्टान है, जिसकी वजह से पार्वती नदी का पानी गांव की तरफ मुड़ रहा है। बार-बार मांग करने के बावजूद इस चट्टान को हटाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द नदी में से मलबा हटाया जाए और कंक्रीट की पक्की सुरक्षा दीवार बनाई जाए।

चुनाव में दिया साथ, फिर भी अनदेखी
ग्रामीणों का दर्द तब और बढ़ जाता है जब वे याद करते हैं कि विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को लीड दिलाई थी, लेकिन आज उनका कोई हाल जानने तक नहीं आता। समाचार पत्रों और जनमंचों में कई बार इस मुद्दे को उठाया गया, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

सवाल बना – अगर तबाही होती है, तो जिम्मेदार कौन?
ग्रामीणों का कहना है, “अगर एक बार फिर बाढ़ आती है और जिया गांव को नुकसान होता है, तो जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन सिर्फ कागज़ों तक सीमित रहेगा?”
वे बार-बार इंसानियत और संवेदनशीलता की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन की चुप्पी एक खतरनाक भविष्य की आहट बनती जा रही है।

जिया गांव फ्लैश फ्लड के मुहाने पर खड़ा है, और हालात हर गुजरते दिन के साथ बदतर होते जा रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी त्रासदी का इंतज़ार कर रहा है? या फिर जिया गांव को राहत और सुरक्षा देने के लिए अब भी समय है चेतने का?

Kullu Update
Author: Kullu Update

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