
शिमला,हिमाचल प्रदेश की बेटी इनूंगनबी ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर प्रदेश और देश को गौरवान्वित करते हुए जूडो एशिया कप-2025 में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता जॉर्डन की राजधानी अम्मान में आयोजित हुई थी, जिसमें विभिन्न एशियाई देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। कठिन प्रतिस्पर्धा के बावजूद इनूंगनबी ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, बल्कि भारत और हिमाचल प्रदेश का नाम भी रोशन किया।
इनूंगनबी मंडी जिले की नाचन विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से जूडो में निरंतर मेहनत और लगन से प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। उनके कोच, परिवार और स्थानीय खेल समुदाय ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया, जिसका फल अब पूरे देश के सामने है। इस उपलब्धि के बाद न केवल उनके गांव और जिला मंडी में, बल्कि पूरे प्रदेश में खुशी की लहर है।
प्रदेश सरकार की ओर से इनूंगनबी को बधाई दी गई है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इनूंगनबी की यह जीत हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में खिलाड़ियों को हर संभव सहायता और सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। इनूंगनबी जैसे खिलाड़ी इस बात का प्रमाण हैं कि हिमाचल की प्रतिभा किसी से कम नहीं है।
खेल विभाग के अधिकारियों और राज्य खेल संघों ने भी इनूंगनबी को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव की बात है और आने वाले समय में राज्य के अन्य खिलाड़ी भी इसी तरह विश्व मंच पर अपनी छाप छोड़ेंगे।
इनूंगनबी की सफलता का श्रेय उनके कठोर परिश्रम, अनुशासन और समर्पण को जाता है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य निर्धारित हो और उसे पाने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है।
इस अवसर पर प्रदेश भर से लोगों ने इनूंगनबी को शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह आने वाले वर्षों में और भी ऊँचाइयाँ हासिल करें और भारत का नाम विश्व भर में रोशन करें।
इनूंगनबी की यह स्वर्णिम जीत न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि हिमाचल की बेटियों के लिए एक संदेश भी है कि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास से कोई भी मंज़िल दूर नहीं।



