
दिल्ली के मैदानगढ़ी क्षेत्र स्थित खरक गाँव से एक भयावह ट्रिपल मर्डर की खबर सामने आई है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों — प्रेम सिंह (45-50 वर्ष), उनकी पत्नी रजनी (40-45 वर्ष), और बड़े बेटे ऋतिक (24 वर्ष) — की हत्या उनके घर में बेरहमी से कर दी गई। वारदात का पैटर्न इतना गंभीर और हिंसक था कि देखकर पूरा इलाका दंग रह गया।
हत्या की भयावहता:
मृतकों के शरीर खून से लथपथ पाए गए।
पुलिस ने बताया कि सभी पर चाकू के वार किए गए थे और सिर पर पत्थरों व ईंटों से जोरदार धक्का मारा गया था
घर की दीवारें खून से लाल थीं, और हत्या के बाद की यह दहशतनाक स्थिति किसी जघन्य फिल्म से कम नहीं थी
घर का चौथा सदस्य लापता:
परिवार का छोटा बेटा सिद्धार्थ (22–23 वर्ष) घटना के बाद घर से गायब बताया गया है।
वह पिछले 12 वर्षों से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी इलाज (ऑब्सेसिव कंपलसिव डिसऑर्डर और आक्रामक व्यवहार) करवा रहा था और नशे का आदी भी था
पुलिस के शुरुआती संदेह के आधार पर यह माना जा रहा है कि सिद्धार्थ इस वारदात का मुख्य संदिग्ध है।
दोस्त को फोन और संदिग्ध व्यवहार:
हत्या के बाद सिद्धार्थ ने एक दोस्त को कॉल कर कहा, “मैंने अपने परिवार को मार डाला है, अब मैं गांव में नहीं रहूंगा।” शुरुआत में दोस्त इसे मजाक समझ बैठे, लेकिन सुबह जब पड़ोसी ने घर का दरवाजा खुला देखा, तो पुलिस को मामला पता चला
सीसीटीवी फुटेज में सिद्धार्थ घर में नहाते दिखाई दिया, जिससे लगता है कि उसने घटना के बाद अपने आप को सामान्य रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की
पुलिस ने क्या कहा:
डीएसपी सुंदरनगर, भारत भूषण ने बयान में कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता को समझते हुए तेजी से जांच कर रही है।
अपराध स्थल को सील कर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और डिजिटल/फिजिकल साक्ष्यों की कड़ी से गहन जांच शुरू कर दी गई है
पड़ोसियों ने क्या कहा:
पड़ोसी बताते हैं कि इस परिवार में घरेलू तनाव रहा करता था।
पुलिस को पहले से ही संदेह था क्योंकि घर में कोई जबरन प्रवेश के निशान नहीं मिले, और घटना से पहले की रिपोर्टिंग भी मिसिंग थी
दिल्ली ट्रिपल मर्डर केस ने एक शांत परिवार में चल रहे घरेलू तनाव, मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों और साथी सदस्य के हिंसक कदम की भयावहता को उजागर कर दिया है। अब पुलिस की सबसे पहली प्राथमिकता है सिद्धार्थ की गिरफ्तारी और पूरी सच्चाई को सामने लाना।




